नई दिल्ली। स्वस्थ शरीर के लिए दिल और फेफड़ों की तरह किडनी का स्वस्थ रहना भी बेहद जरूरी है। किडनी शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने, खून को साफ करने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने का महत्वपूर्ण काम करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, किडनी संबंधी बीमारियां अक्सर शुरुआती चरण में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ती हैं। ऐसे में रोजमर्रा की कुछ अच्छी आदतें अपनाकर किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
1. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
किडनी को स्वस्थ रखने के लिए शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखना बेहद जरूरी है। पर्याप्त पानी पीने से शरीर के अपशिष्ट पदार्थ पेशाब के जरिए आसानी से बाहर निकल जाते हैं और किडनी पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता। हालांकि पानी की जरूरत व्यक्ति की उम्र, मौसम, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
2. ब्लड प्रेशर को रखें नियंत्रित
लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने से किडनी की महीन रक्त वाहिकाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार लें। नियंत्रित ब्लड प्रेशर किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद करता है।
3. संतुलित और पौष्टिक आहार लें
अधिक नमक, तला-भुना भोजन, पैकेटबंद और प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। विशेषज्ञ ताजी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और संतुलित मात्रा में प्रोटीन युक्त भोजन लेने की सलाह देते हैं। स्वस्थ खानपान न केवल किडनी बल्कि पूरे शरीर के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
4. नियमित व्यायाम करें
रोजाना हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधियां जैसे तेज चलना, योग, साइकिल चलाना या तैराकी शरीर में रक्त संचार बेहतर बनाती हैं और वजन नियंत्रित रखने में मदद करती हैं। इससे डायबिटीज, मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है, जो किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
5. नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं
यदि आपको डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या किडनी रोग का पारिवारिक इतिहास है, तो समय-समय पर किडनी की जांच जरूर करानी चाहिए। शुरुआती अवस्था में बीमारी का पता चलने पर समय रहते इलाज संभव होता है और गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय पर स्वास्थ्य जांच जैसी आदतें अपनाकर किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है और गंभीर किडनी रोगों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।