चांद पर 4 टन के रॉकेट की होगी जोरदार टक्कर! जानिए पृथ्वी पर कितना है खतरा?

वाशिंगटन अंतरिक्ष में आज एक बेहद अहम खगोलीय घटना होने जा रही है। स्पेसएक्स (SpaceX) के फाल्कन-9 रॉकेट का करीब 4 टन वजनी दूसरा चरण चंद्रमा की सतह से तेज रफ्तार में टकराने वाला है। यह रॉकेट का हिस्सा पिछले एक साल से अंतरिक्ष में अनियंत्रित होकर भटक रहा था। हालांकि वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि इस टक्कर से पृथ्वी को किसी भी तरह का खतरा नहीं है। इसके उलट, यह घटना चंद्रमा की सतह का अध्ययन करने के लिए वैज्ञानिकों को महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी।

रिपोर्ट के अनुसार, स्कूल बस के आकार का यह रॉकेट चरण भारतीय समयानुसार बुधवार दोपहर करीब 12:05 बजे लगभग 8,690 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चंद्रमा के पश्चिमी हिस्से में स्थित आइंस्टीन क्रेटर के पास टकराएगा। इस टक्कर से चंद्रमा की सतह पर धूल का बड़ा गुबार उठने की संभावना है, लेकिन इसे पृथ्वी से सामान्य आंखों से देख पाना संभव नहीं होगा।

60 फीट चौड़ा बनेगा नया क्रेटर

नासा के वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस टक्कर के बाद चंद्रमा की सतह पर करीब 60 फीट (18 मीटर) चौड़ा और 12 फीट (4 मीटर) गहरा नया क्रेटर बनेगा। नासा इस पूरी घटना की निगरानी करेगा और टक्कर से पहले व बाद की तस्वीरों का विश्लेषण कर चंद्रमा की सतह पर होने वाले प्रभावों का अध्ययन करेगा।

क्यों नहीं लौटा रॉकेट?

यह रॉकेट चरण जनवरी 2025 में फायरफ्लाई एयरोस्पेस के लूनर लैंडर मिशन के लिए इस्तेमाल किया गया था। सामान्य तौर पर मिशन पूरा होने के बाद ऐसे रॉकेट हिस्सों को पृथ्वी के वायुमंडल में जलाकर नष्ट कर दिया जाता है या नियंत्रित तरीके से समुद्र में गिराया जाता है। लेकिन इस मिशन में अतिरिक्त थ्रस्ट की आवश्यकता के कारण रॉकेट में पर्याप्त ईंधन नहीं बचा और वह अंतरिक्ष में अनियंत्रित होकर भटकता रहा। बाद में वैज्ञानिकों ने इसकी कक्षा का अध्ययन कर पुष्टि की कि यह चंद्रमा से टकराएगा।

वैज्ञानिकों का मानना है कि यह अनियोजित टक्कर भविष्य के चंद्र अभियानों और चंद्रमा की सतह की संरचना को समझने में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराएगी।

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