‘गजनी’ फेम अभिनेता प्रदीप रावत का निधन, 74 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

मुंबई। हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता प्रदीप रावत का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह लंबे समय से ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे और पिछले कुछ समय से उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है।

फिल्ममेकर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए प्रदीप रावत को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा कि प्रदीप रावत न केवल शानदार अभिनेता थे, बल्कि एक बेहतरीन इंसान भी थे। अशोक पंडित ने उनके अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार की जानकारी भी साझा की।

प्रदीप रावत का जन्म 21 जनवरी 1952 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ था। आर्मी परिवार से ताल्लुक रखने वाले प्रदीप का सपना सेना में जाने का था, लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें अभिनय की दुनिया की ओर मोड़ दिया। बैंक की नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने थिएटर का रुख किया और राज बब्बर के थिएटर ग्रुप ‘एकजुट’ से अभिनय की शुरुआत की।

उन्होंने 1985 में फिल्म ‘मेरी जंग’ से बॉलीवुड में कदम रखा। बीआर चोपड़ा के चर्चित धारावाहिक ‘महाभारत’ में अश्वत्थामा की भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी फिल्मों में भी अपनी दमदार अभिनय क्षमता का परिचय दिया।

प्रदीप रावत को सबसे ज्यादा लोकप्रियता फिल्म ‘गजनी’ में निभाए गए खलनायक के किरदार से मिली। उन्होंने पहले 2005 की तमिल फिल्म और फिर 2008 में आमिर खान अभिनीत हिंदी ‘गजनी’ में इसी भूमिका को निभाकर दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई।

अपने चार दशक लंबे करियर में उन्होंने लगभग 150 फिल्मों में अभिनय किया। ‘लगान’, ‘सरफरोश’, ‘पत्थर के फूल’, ‘संगदिल सनम’, ‘बागी’ जैसी कई यादगार फिल्मों में उनके अभिनय को सराहा गया। उनकी आखिरी हिंदी फिल्म ‘छावा’ थी, जिसमें उन्होंने येसाजी कंक का किरदार निभाया था।

प्रदीप रावत के निधन से भारतीय सिनेमा ने एक सशक्त अभिनेता को खो दिया है। उनके निभाए गए यादगार किरदार हमेशा दर्शकों के दिलों में जीवित रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *