PSC, व्यापमं, UTD एग्जाम के बाद Kalyan College को मिली Open University एंट्रेंस टेस्ट की मेजबानी

  • कल्याण कॉलेज में लगातार सफलतमपूर्वक हो रहे एंट्रेंस और रिक्रूटमेंट टेस्ट
  • दो शिफ्ट में करीब 600 परीक्षार्थी हुए शामिल, 65 प्रोफेसर्स ने संभाला मोर्चा

भिलाई।  शिक्षाधानी भिलाई के सेक्टर-7 स्थित कल्याण कॉलेज ने एक और उपलब्धि हासिल कर ली है। कॉलेज में लगातार महत्वपूर्ण परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसमें छत्तीसगढ़ सहित देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ ही तमाम विश्वविद्यालयों के एंट्रेंस टेस्ट से लेकर रिक्रूटमेंट परीक्षाओं का सफल आयोजन किया जा रहा है। इस कड़ी में प्रदेश के एकमात्र मुक्त विश्वविद्यालय के एंट्रेंस टेस्ट के लिए भी कल्याण कॉलेज में एग्जाम सेंटर बनाया गया। रविवार को कल्याण कॉलेज में एक और परीक्षा का सफलतम आयोजन संपन्न हुआ।

कल्याण कॉलेज में रविवार को पंडित सुंदरलाल शर्मा विश्वविद्यालय में एडमिशन के लिए एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किया गया। हम आपको बता दें कि बिलासपुर स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा विवि छत्तीसगढ़ राज्य का एकमात्र शासकीय मुक्त विश्वविद्यालय है। मुक्त विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए कल्याण कॉलेज में दो शिफ्ट में परीक्षा आयोजित की गई।

-करीब 600 परीक्षार्थी हुए शामिल

पहले शिफ्ट में प्री-बीएड टेस्ट आयोजित किया गया। पहले शिफ्ट के तीन सौ परीक्षार्थियों में से 271 परीक्षार्थी उपस्थित रहे, जबकि 29 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इसी तरह दूसरे शिफ्ट में प्री-डी.एल.एड टेस्ट में 400 उम्मीदवारों के लिए बनाए गए केन्द्र में से 300 परीक्षार्थी उपस्थित रहे और 100 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। सुबह दस से सवा 12 बजे तक आयोजित हुए पहले शिफ्ट में 26 प्रोफेसर्स वीक्षकीय कार्य में संलग्न रहे। जबकि दोपहर दो बजे से लेकर सवा चार बजे तक आयोजित किए गए द्वितीय शिफ्ट में 35 प्रोफेसर्स ने मोर्चा संभाला। 

-टीम की उल्लेखनीय भूमिका का है नतीजा

कल्याण कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ.विनय शर्मा ने कहा कि निरंतर प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं का महाविद्यालय में आयोजन होना हम सब के लिए गर्व की बात है। हमारे अफसर, प्राध्यापक, वीक्षक और कर्मचारी हरेक परीक्षाओं में महती भूमिका निभाते है, जिसके चलते सभी परीक्षाएं हमारे महाविद्यालय में सफलतम ढंग से संपन्न हो रही है। इस परीक्षा में सहायक केन्द्राध्यक्ष के रूप में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ.गुणवंत चन्द्रौल के साथ ही डॉ.ईश्वर सिंह बरगाह और डॉ.रवीश कुमार सोनी सहित अन्य प्राध्यापकों और कर्मचारियों की उल्लेखनीय भूमिका रही।

-परीक्षार्थियों के लिए बढ़ गई सुविधाएं

इस परीक्षा में आंशिक बदलाव देखने को मिला। पूर्व की परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को प्रवेश के समय ही डॉक्यूमेंट्स परीक्षण के साथ ही आवश्यक प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था। लेकिन इस बार बॉयोमेट्रिक को हरेक कक्षा में कराया गया। परीक्षा हॉल में बॉयोमेट्रिक के लिए अलग से विवि स्तर पर टीम तैनात किया गया था। टीम के सदस्य क्रमबद्ध तरीके से एक-एक परीक्षार्थी के पास जाकर बॉयोमेट्रिक की प्रक्रिया पूरी करवाते गए। इससे अभ्यर्थियों का समय भी बचा और अनावश्यक प्रक्रियाओं से मुक्ति भी मिली। साथ ही बारिश से भी राहत मिली।

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