नई दिल्ली/इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में चिनाब नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। पाकिस्तानी अधिकारियों का दावा है कि जम्मू-कश्मीर स्थित सलाल डैम के स्पिलवे गेट खोले जाने के बाद नदी में पानी का बहाव बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो सकता है।
सलाल डैम का महत्व
सलाल डैम चिनाब नदी पर स्थित भारत की प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं में से एक है। यह रियासी जिले में स्थित है और इसकी ऊंचाई लगभग 130 मीटर बताई जाती है। यहां से करीब 690 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाता है। डैम के पीछे 22 किलोमीटर लंबा जलाशय क्षेत्र है, जहां पानी संग्रहित कर नियंत्रित रूप से छोड़ा जाता है।
सिंधु जल समझौते का संदर्भ
भारत और पाकिस्तान के बीच जल बंटवारे को लेकर 1960 में Indus Waters Treaty हुआ था। इसके तहत पश्चिमी नदियों का उपयोग पाकिस्तान को और पूर्वी नदियों का उपयोग भारत को दिया गया था। हालांकि हाल के वर्षों में इस समझौते को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बनी रहती है।
पाकिस्तान में बाढ़ की आशंका
चिनाब नदी भारत से होते हुए पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र में प्रवेश करती है। ऐसे में यदि भारत की ओर से अधिक पानी छोड़ा जाता है तो इसका सीधा असर निचले इलाकों में देखा जा सकता है। सियालकोट प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जलस्तर 2 से 3 मीटर तक बढ़ सकता है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।
प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
संभावित खतरे को देखते हुए पाकिस्तान प्रशासन ने आपातकालीन कदम उठाए हैं। पंजाब प्रांत में सभी आपदा प्रबंधन इकाइयों को अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। मराला बैराज क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
प्रशासन ने इमरजेंसी कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है, नदी किनारे आवाजाही सीमित कर दी गई है और पशुओं को नदी क्षेत्र में ले जाने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही चिनाब नदी की 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
यह अलर्ट 21 मई से 30 मई तक प्रभावी रहने की संभावना जताई गई है।