नई दिल्ली। श्री अमरनाथ यात्रा को लेकर जम्मू-कश्मीर में तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। बुधवार से जम्मू में श्रद्धालुओं के लिए मौके पर ही पंजीकरण (ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन) और आरएफआईडी (RFID) कार्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। अब शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा यात्रा के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
जम्मू में रजिस्ट्रेशन केंद्रों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कतारों में नजर आए। बाबा बर्फानी के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। एक श्रद्धालु ने बताया कि उन्हें पहले जत्थे में शामिल होने का अवसर मिला है, जिससे वह बेहद उत्साहित हैं। वहीं, अन्य श्रद्धालुओं ने भी प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि इस बार यात्रा की तैयारियां पहले से बेहतर हैं।
तीसरी बार अमरनाथ यात्रा पर जा रहे एक श्रद्धालु ने बताया कि रजिस्ट्रेशन और आरएफआईडी कार्ड बनवाने में थोड़ी प्रक्रिया जरूर है, लेकिन इसके बाद यात्रा को लेकर संतोष और विश्वास बढ़ जाता है।
इधर, श्रीनगर के यात्री ट्रांजिट कैंपों में भी पहले जत्थे के रवाना होने से पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं। पहली बार यात्रा पर आई एक महिला श्रद्धालु ने कहा कि वह बाबा भोलेनाथ की अटूट आस्था के साथ यहां पहुंची हैं और प्रशासन की ओर से ट्रांजिट कैंप में की गई व्यवस्थाएं संतोषजनक हैं। उन्होंने बताया कि कैंप में भोजन, ठहरने और अन्य आवश्यक सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराई गई हैं।
गौरतलब है कि श्री अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। श्रद्धालु दो मार्गों से पवित्र गुफा तक पहुंच सकते हैं। पारंपरिक पहलगाम मार्ग से यात्रा पूरी करने में लगभग चार दिन का समय लगता है, जबकि बालटाल मार्ग अपेक्षाकृत छोटा है, जहां श्रद्धालु दर्शन कर उसी दिन वापस लौट सकते हैं।
प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और सुविधाजनक बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक इंतजाम किए हैं।