रायपुर। ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना लागू कर दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका संवर्धन और आधारभूत विकास को नई गति देना है। योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ विजन के अनुरूप तैयार किया गया है।
योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को मांग के आधार पर वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी दी जाएगी। इसके साथ ही जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, कृषि आधारित कार्य, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और आजीविका संवर्धन जैसे स्थायी विकास कार्यों को प्राथमिकता मिलेगी। विकसित गांव की अवधारणा को साकार करने के लिए योजना में 318 प्रकार के विकास कार्यों को शामिल किया गया है।
छत्तीसगढ़ बजट में 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण और विकास कार्यों को गति मिलेगी।
2 जुलाई को होगा औपचारिक शुभारंभ
छत्तीसगढ़ में योजना का औपचारिक शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को किया जाएगा। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आंध्र प्रदेश के तिरुपति से कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न राज्यों से जुड़ेंगे। प्रदेश स्तर का मुख्य कार्यक्रम कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड की ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित होगा, जहां उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ग्रामीणों के साथ कार्यक्रम में शामिल होंगे।
डिजिटल जॉब कार्ड और पारदर्शी भुगतान व्यवस्था
नई योजना के तहत ग्रामीण श्रमिकों को डिजिटल जॉब कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। मजदूरी का भुगतान 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा और निर्धारित समय पर काम उपलब्ध नहीं होने पर बेरोजगारी भत्ते का भी प्रावधान रखा गया है। तकनीक आधारित कार्य प्रबंधन प्रणाली और डिजिटल निगरानी के जरिए पारदर्शिता बढ़ाई जाएगी।
ग्राम सभा की भूमिका होगी और मजबूत
योजना के तहत ग्राम पंचायतों की विकास कार्ययोजना अब ग्राम सभा के माध्यम से तैयार की जाएगी, जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों का चयन किया जा सके। जल संरक्षण, सिंचाई, ग्रामीण सड़क, वृक्षारोपण और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास और आजीविका के नए अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और गांवों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।