अमेरिका पर कर्ज का पहाड़! पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंचा राष्ट्रीय कर्ज

वॉशिंगटन: दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शुमार अमेरिका के सामने बढ़ते सरकारी कर्ज की चुनौती लगातार गंभीर होती जा रही है। अमेरिकी सरकार की कुल देनदारी पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देश का राष्ट्रीय कर्ज करीब 40.047 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है। कर्ज बढ़ने की रफ्तार को लेकर भी आर्थिक विशेषज्ञों के बीच चिंता बढ़ रही है।

कुछ ही महीनों में बढ़ा 1 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज

अमेरिका के राष्ट्रीय ऋण में जिस तेजी से इजाफा हो रहा है, वह खास तौर पर ध्यान खींच रहा है। पिछले साल अक्टूबर में अमेरिकी कर्ज लगभग 38 ट्रिलियन डॉलर था। इसके बाद मार्च में यह 39 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंचा और अब अगस्त में 40 ट्रिलियन डॉलर को पार कर गया है। यानी करीब 10 महीनों के दौरान अमेरिकी सरकार की देनदारी में लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर की वृद्धि हुई है।

सरकारी खर्च बढ़ने से बजट पर दबाव

अमेरिका में सरकार का खर्च लगातार उसके राजस्व से अधिक बना हुआ है। यही वजह है कि बजट घाटे का दबाव कम नहीं हो पा रहा है। रक्षा पर होने वाला भारी खर्च, सोशल सिक्योरिटी और मेडिकेयर जैसी योजनाएं तथा पुराने कर्ज पर ब्याज भुगतान सरकार के वित्तीय बोझ को और बढ़ा रहे हैं।

ब्याज भुगतान भी बन रहा बड़ी चुनौती

अमेरिकी सरकार के लिए सिर्फ नया कर्ज ही चिंता का कारण नहीं है, बल्कि पुराने कर्ज पर बढ़ता ब्याज भी खजाने पर दबाव डाल रहा है। सरकार को एक तरफ रक्षा और रणनीतिक जरूरतों के लिए खर्च जारी रखना है, वहीं दूसरी ओर घरेलू अर्थव्यवस्था, महंगाई और आम नागरिकों पर बढ़ते आर्थिक दबाव को संभालना भी जरूरी है।

कर्ज बढ़ने का असर आम लोगों पर कैसे पड़ेगा?

राष्ट्रीय कर्ज में लगातार बढ़ोतरी का असर भविष्य में आम लोगों और कारोबार पर भी दिखाई दे सकता है। सरकार की उधारी बढ़ने पर ब्याज दरों पर दबाव पड़ सकता है, जिससे होम लोन, कार लोन और क्रेडिट कार्ड जैसी वित्तीय सेवाएं महंगी हो सकती हैं। वहीं कंपनियों के लिए पूंजी जुटाना महंगा होने पर निवेश और रोजगार से जुड़े फैसले भी प्रभावित हो सकते हैं।

2027 में कर्ज सीमा को लेकर बढ़ सकती है चुनौती

बाइपार्टिसन पॉलिसी सेंटर के अनुमान के अनुसार, अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज 2027 की शुरुआत तक 41.1 ट्रिलियन डॉलर की वैधानिक सीमा के करीब पहुंच सकता है। ऐसे में अमेरिकी संसद को एक बार फिर कर्ज सीमा बढ़ाने या उसे अस्थायी रूप से निलंबित करने जैसे फैसले लेने पड़ सकते हैं। अमेरिका में इस मुद्दे पर पहले भी राजनीतिक टकराव देखने को मिल चुका है।

आर्थिक संतुलन बनाना होगी बड़ी चुनौती

अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती के बावजूद बढ़ता सरकारी कर्ज और लगातार बना हुआ बजट घाटा सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। आने वाले समय में अमेरिका को आर्थिक विकास की रफ्तार बनाए रखने के साथ-साथ सरकारी खर्च, घाटे और ब्याज के बढ़ते बोझ के बीच संतुलन कायम करना होगा।

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