नई दिल्ली। गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की जीत का हवाला देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि गुजरात में कांग्रेस पिछले 41 वर्षों से कोई चुनाव नहीं जीत सकी है। पार्टी को अपनी लगातार चुनावी हार के कारणों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। शाह ने भाजपा की जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के प्रति जनता के विश्वास का संकेत बताया।
गुजरात में भाजपा की बड़ी जीत का दावा
अमित शाह ने गुजरात के तीन नगर निकायों के चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि कुल 104 सीटों में से भाजपा ने 90 सीटों पर जीत दर्ज की है। उन्होंने बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांधीनगर नगर निगम में भाजपा को 44 में से 38 सीटें मिलीं। शाह के अनुसार, आम आदमी पार्टी ने सभी 32 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन उसके सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।
उन्होंने यह भी दावा किया कि गांधीनगर नगर निगम में पिछले चुनाव की तुलना में भाजपा के मत प्रतिशत में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। शाह ने कहा कि इन नतीजों से पता चलता है कि गुजरात की जनता का भरोसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कायम है।
राहुल गांधी से पूछा एसआईआर पर सवाल
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी अमित शाह ने कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की जीत भी एसआईआर का परिणाम है? शाह ने कहा कि चुनावी नतीजों को एसआईआर से जोड़ने के बजाय कांग्रेस नेतृत्व को अपनी राजनीतिक स्थिति और लगातार मिल रही हार के कारणों पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गुजरात में कांग्रेस ने पिछला चुनाव 1985 में जीता था। इसके बाद पार्टी को लगातार हार का सामना करना पड़ा है। शाह ने इसे कांग्रेस के लिए आत्ममंथन का विषय बताया।
दूसरे राज्यों के चुनाव परिणामों का भी किया जिक्र
अमित शाह ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि कांग्रेस इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में एक भी सीट नहीं जीत सकी। उन्होंने नौगांव में भाजपा उम्मीदवार की 1.42 लाख वोटों के अंतर से जीत का जिक्र किया। उनके अनुसार, यह सीट कांग्रेस से छीनकर भाजपा ने हासिल की।
शाह ने नंदीग्राम में भाजपा उम्मीदवार को 76 प्रतिशत वोट मिलने और 1.22 लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज करने का भी दावा किया। वहीं, पश्चिम बंगाल की रेजीनगर सीट पर भाजपा की 75 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी ने यह सीट तृणमूल कांग्रेस से छीनी है।
पुडुचेरी के परिणामों का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी दल ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस के उम्मीदवार ने 8,482 वोटों से जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 22 प्रतिशत वोट मिले।
राजस्थान और त्रिपुरा में भी भाजपा की सफलता का दावा
गृह मंत्री ने राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन को भी शानदार बताया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने 90 प्रतिशत नगर निगमों, 66 प्रतिशत नगर परिषदों और 65 प्रतिशत नगर पालिकाओं में जीत हासिल की। शाह के अनुसार, राजस्थान में 85 प्रतिशत से अधिक वार्डों में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई।
त्रिपुरा के ग्राम समिति चुनावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राजग ने करीब 4,000 सीटों पर जीत हासिल की। शाह के मुताबिक, गठबंधन को 3,248 सीटों के साथ लगभग 900 अन्य सीटों पर भी सफलता मिली और उसका कुल मत प्रतिशत 77.5 रहा।
कांग्रेस को आत्ममंथन की सलाह
अमित शाह ने इन चुनावी नतीजों को भाजपा और उसके सहयोगी दलों के पक्ष में जनसमर्थन का संकेत बताया। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार चुनावी हार के कारणों की समीक्षा करना और संगठन की स्थिति का आकलन करना जरूरी है। शाह के मुताबिक, कांग्रेस को अपनी राजनीतिक रणनीति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।