दुर्ग। न्यायालयीन सेवाओं को डिजिटल माध्यम से सरल, पारदर्शी और सुलभ बनाने के उद्देश्य से जिला न्यायालय दुर्ग में ई-टिकट जनरेशन और ई-प्रमाणित प्रतिलिपि (ई-सर्टिफाइड कॉपी) विषय पर एक दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसका मुख्य उद्देश्य न्यायालयीन कर्मचारियों को ऑनलाइन प्रक्रिया की सही जानकारी देना, तकनीकी समस्याओं का समाधान करना और प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करने की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाना है, ताकि इसका लाभ आम नागरिकों, पक्षकारों और अधिवक्ताओं को मिल सके।
यह कार्यशाला छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर की ई-कमेटी के निर्देशन में आयोजित की गई। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को ई-टिकट तैयार करने, ऑनलाइन सत्यापन करने और ई-प्रमाणित प्रतिलिपि से संबंधित विभिन्न तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। साथ ही बताया गया कि डिजिटल प्रणाली का सही उपयोग करने से प्रतिलिपि संबंधी कार्यों में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
कर्मचारियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने पर जोर
प्रशिक्षण का एक प्रमुख उद्देश्य कर्मचारियों को नई डिजिटल व्यवस्था के व्यावहारिक उपयोग में दक्ष बनाना था, ताकि वे ई-टिकट और ई-प्रमाणित प्रतिलिपि से जुड़े कार्यों को सही तरीके से पूरा कर सकें। इससे प्रक्रिया के दौरान होने वाली तकनीकी गलतियों और परेशानियों को कम करने तथा काम को व्यवस्थित बनाने में सहायता मिल सकती है। कार्यशाला में कर्मचारियों के सवालों और तकनीकी समस्याओं का समाधान भी किया गया।
विभिन्न न्यायालयों के कर्मचारी ऑनलाइन जुड़े
जिला न्यायालय दुर्ग परिसर स्थित सभागार से जिला न्यायालय और कुटुम्ब न्यायालय दुर्ग के प्रतिलिपि अनुभाग के कर्मचारियों तथा तकनीकी स्टाफ सहित कुल 15 प्रतिभागियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त किया। वहीं, पाटन, भिलाई-3 और धमधा स्थित बाह्य तालुका न्यायालयों के संबंधित कर्मचारी भी अपने-अपने न्यायालय परिसरों से ऑनलाइन जुड़े।
प्रशिक्षण के दौरान छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (कम्प्यूटरीकरण)/सीपीसी की उपस्थिति में तकनीकी विशेषज्ञों ने ई-टिकट जनरेशन और ई-प्रमाणित प्रतिलिपि की प्रक्रिया समझाई तथा प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया।
पक्षकारों और अधिवक्ताओं को प्रक्रिया समझने में होगी आसानी
न्यायालय के आदेश या निर्णय की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करना पक्षकारों और अधिवक्ताओं के लिए न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में डिजिटल प्रक्रिया के संबंध में कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने का उद्देश्य प्रतिलिपि सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है। इससे ऑनलाइन आवेदन और प्रतिलिपि जारी करने से जुड़ी प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिल सकती है।
इस पहल के माध्यम से न्यायालयीन कामकाज में तकनीक के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के साथ यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि डिजिटल सुविधाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे और उन्हें न्यायालयीन सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।