प्राचीन शीतला तालाब बदहाल : जलकुंभी, गंदगी और शराब की बोतलों से अटा परिसर

भिलाई। सुपेला के वार्ड क्रमांक 16 स्थित शीतला तालाब की गिनती शहर के सबसे प्राचीन तालाब में की जाती है तालाब के गहरीकरण सौंदर्यकरण को लेकर पिछले कुछ वर्षों से लगातार प्रयास किए जाते रहे हैं जो अब तक पूरा नहीं हो सका है पूर्व में इसके सौंदर्यकरण का काम शुरू किया गया था लेकिन ठेकेदार द्वारा किन्हीं कारणों से इसे बीच में रोक दिया गया|

 तब से अभी तक ना तो तालाब का गहरीकरण हुआ और ना ही सौंदरीकरण वर्तमान में पूरा तालाब कीचड़ और जलकुंभी से अटा हुआ है तालाब के चारों ओर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा सुबह से देर रात तक लगा रहता है जो यहां शराबखोरी सहित अन्य नशे का सेवन करते हैं।

शीतल तालाब लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है विभिन्न धार्मिक अवसरों पर यहां महिलाओं के द्वारा पूजा की जाती है लोगों की निस्तारी का भी यह प्रमुख केंद्र है लेकिन अब तालाब  में  निस्तारी का काम लोगों ने   गंदे पानी के कारण ल बंद कर दिया है। क्योंकि गंदे पानी के कारण जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा बना है। शीतल तालाब को नगर निगम ने उपेक्षित क्यों छोड़ दिया  यह समझ से परे हैं।

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