सहारा कंपनी से पैसे दिलाने जनदर्शन में लगाई गुहार ,जर्जर पुल से मोरिदवासी परेशान, जनदर्शन में 165 आवेदन पहुंचे

दुर्ग, 02 फरवरी/ जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार डिप्टी कलेक्टर उत्तम ध्रुव ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 165 आवेदन प्राप्त हुए।

इसी कड़ी में भिलाई चरोदा नगर निगम के वार्ड 39 ग्राम मोरिद निवासियों ने नहर के पुल को पुनर्निर्माण कराने आवेदन दिया। ग्रामवासियों ने बताया कि नहर पुल दुर्घटनाओं का कारण बन गया है। सड़क सीमेटीकरण के बाद पुल सड़क के बराबर हो गया है, जिसके कारण दुर्घटना होते रहती है। पुल पुराना और संकरा होने के साथ ही कचरे से भरा है, जिससे पानी की निकासी बाधित हो रही है और नहर का पानी सड़क पर बह रहा है।

स्थानीय लोगों ने पुल के पुर्निर्माण की मांग की है। इसी प्रकार उप स्वास्थ्य केन्द्र मोरिद में बुनियादी सुविधाओं उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि केन्द्र में एकमात्र ए.एन.एम. की ड्यूटी के कारण सप्ताह में कई दिन ओपीडी बंद रहती है। स्वास्थ्य केंद्र में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। शुगर व बीपी की दवाइयाँ लंबे समय से उपलब्ध नहीं है। बीपी मापने की मशीन छह माह से खराब है, वहीं शुगर जांच की स्ट्रिप्स न होने से मरीजों को परेशानी हो रही है, जिससे गरीब तबके के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर डिप्टी कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निरीक्षण कर आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने को कहा।

सुपेला निवासी ने सहारा कंपनी में जमा राशि दिलाने आवेदन दिया। सहारा कंपनी में वर्ष 2015 में जमा की गई एफडी की राशि अब तक नहीं मिलने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि उसने कुल 8 एफडी में 1.50 लाख रुपये जमा किए थे। कंपनी में ऑनलाइन आवेदन किया गया था, जिसमें 45 दिनों के भीतर भुगतान का आश्वासन दिया गया था। लेकिन आवेदन के कई महीने बीत जाने के बावजूद अब तक एक भी पैसा नहीं मिला है। बार-बार ऑनलाइन स्टेटस चेक करने पर केवल प्रोसेस में है बताया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वह रोजी-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है और कर्ज लेकर जीवनयापन कर रहा है। लगातार आर्थिक दबाव के कारण वह मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहा है। इस पर डिप्टी कलेक्टर ने संबंधित नोडल अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *