दुर्ग, 02 फरवरी | 2026-27 के केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा का दुर्ग में छात्राओं ने स्वागत किया है। दुर्ग जिले के महिला महाविद्यालय में अध्ययनरत अदिति मौर्य और खुशबू (निवासी जगदलपुर) ने इस बजट को ‘दूरदर्शी’ और ‘महिला सशक्तिकरण’ की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
आवास की समस्या का होगा स्थायी समाधान
छात्राओं का कहना है कि उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली युवतियों को सबसे ज्यादा परेशानी सुरक्षित आवास को लेकर होती है। हॉस्टल की कमी के कारण कई छात्राएं अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो जाती हैं या पीजी (पेइंग गेस्ट) में रहती हैं, जहाँ उन्हें पढ़ाई के अनुकूल माहौल नहीं मिल पाता। बजट 2026 में घोषित जिला स्तरीय हॉस्टल सुविधा से अब छात्राओं को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।


STEM शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
उल्लेखनीय है कि बजट में विशेष रूप से STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) क्षेत्र में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रत्येक जिले में एक बालिका छात्रावास बनाने का प्रावधान किया गया है। छात्राओं ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे महिलाएं अधिक आत्मनिर्भर और सशक्त बनेंगी।