हाई कोर्ट के निर्देश के बाद बड़ा फैसला, यमुना एक्सप्रेस-वे पर धरना-प्रदर्शन प्रतिबंधित

नोएडा। यमुना एक्सप्रेस-वे पर यातायात को सुरक्षित, सुचारू और बाधारहित बनाए रखने के उद्देश्य से गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ा फैसला लिया है। एक्सप्रेस-वे के गौतमबुद्धनगर क्षेत्र में आने वाले 0 से 41 किलोमीटर तक के हिस्से को आधिकारिक तौर पर ‘नो प्रोटेस्ट जोन’ घोषित कर दिया गया है। यह निर्णय इलाहाबाद हाई कोर्ट के 22 मई के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है।

नए आदेश के तहत इस क्षेत्र में किसी भी राजनीतिक, सामाजिक या अन्य संगठन को धरना-प्रदर्शन, रैली, आंदोलन या विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि एक्सप्रेस-वे पर किसी भी प्रकार की प्रदर्शन गतिविधि से यातायात बाधित होता है, जिससे आम यात्रियों और व्यावसायिक वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

यमुना एक्सप्रेस-वे देश के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्गों में से एक माना जाता है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आगरा के बीच आवागमन करते हैं। ऐसे में सड़क पर किसी भी प्रकार का विरोध प्रदर्शन न केवल ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावित करता है, बल्कि सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी पैदा कर सकता है।

पुलिस कमिश्नरेट ने आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनजागरूकता अभियान शुरू करने का भी निर्णय लिया है। एक्सप्रेस-वे के प्रमुख स्थानों, पुलिस कार्यालयों और संबंधित थानों में सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए भी लोगों को नए नियमों की जानकारी दी जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार गौतमबुद्धनगर जिले के अंतर्गत आने वाले लगभग 41 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में यह आदेश प्रभावी रहेगा। नियमों के पालन पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का मानना है कि इस कदम से यमुना एक्सप्रेस-वे पर यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध यात्रा का लाभ मिल सकेगा।

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