लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार में आज दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार होने जा रहा है। माना जा रहा है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए बड़ा संदेश देने की तैयारी में है।
सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट में छह नए मंत्रियों की एंट्री संभव है, जबकि कुछ मौजूदा राज्यमंत्रियों को प्रमोशन देकर कैबिनेट रैंक दी जा सकती है। खास बात यह है कि राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से बगावत कर भाजपा का साथ देने वाले नेताओं को भी सरकार में जगह मिल सकती है।
सपा से बगावत करने वालों को मिल सकता है इनाम
राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट देने वाले रायबरेली के विधायक मनोज पांडेय और कौशांबी की विधायक पूजा पाल के नाम चर्चा में हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे भाजपा की “वफादारी का पुरस्कार” रणनीति माना जा रहा है।
इन चेहरों पर सबसे ज्यादा चर्चा
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर जिन नामों की चर्चा तेज है, उनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, खागा विधायक कृष्णा पासवान, अलीगढ़ के विधायक सुरेंद्र दिलेर, मथुरा विधायक श्रीकांत शर्मा और भाजपा प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल शामिल हैं।
इसके अलावा स्वतंत्र प्रभार वाले कुछ मंत्रियों—जेपीएस राठौर, गुलाब देवी, दिनेश प्रताप सिंह और असीम अरुण—को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है।
जातीय समीकरण पर भाजपा का फोकस
भाजपा इस विस्तार के जरिए ओबीसी, दलित, सवर्ण और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश में जुटी है। पार्टी के पास विधानसभा में 258 विधायक हैं, जिनमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी ओबीसी वर्ग की है। ऐसे में विस्तार में पिछड़े और दलित चेहरों को प्राथमिकता मिलने के संकेत हैं।
मुख्यमंत्री की राज्यपाल से मुलाकात के बाद बढ़ी हलचल
शनिवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। इसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों पर लगभग मुहर लग गई। बताया जा रहा है कि शपथ ग्रहण समारोह रविवार दोपहर तीन बजे आयोजित हो सकता है।
अखिलेश यादव का तंज
वहीं, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस विस्तार को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा—
“दिल्ली से पर्ची आ गई क्या?”
अखिलेश ने मंत्रिमंडल में महिलाओं को आरक्षण देने की मांग भी उठाई और उपमुख्यमंत्रियों पर भी तंज कसते हुए कहा कि “अगल-बगल की जोड़ी सिर्फ रील बनाती रह जाएगी क्या?”
दो साल बाद फिर बड़ा फेरबदल
योगी सरकार का पहला विस्तार मार्च 2024 में हुआ था। तब ओम प्रकाश राजभर, दारा सिंह चौहान समेत चार नए कैबिनेट मंत्रियों को शामिल किया गया था। अब माना जा रहा है कि दूसरा विस्तार 2027 के चुनावी रण से पहले भाजपा की रणनीतिक तैयारी का अहम हिस्सा है।