मॉस्को। चार साल से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ऐसा बयान दिया है जिसने वैश्विक राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। पुतिन ने संकेत दिए हैं कि यूक्रेन में जारी सैन्य संघर्ष अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ सकता है और आने वाले समय में शांति वार्ता का रास्ता खुल सकता है।
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि यूरोपीय देशों के कई नेता उनसे बातचीत करना चाहते हैं और वह खुद भी संवाद के लिए तैयार हैं। माना जा रहा है कि संभावित वार्ताकारों में जर्मनी के नए चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का नाम प्रमुख हो सकता है। पुतिन ने भरोसा जताया कि ऐसी बातचीत से कोई ठोस निष्कर्ष निकलेगा, जो शांति की दिशा तय कर सकता है।
युद्ध के बीच शांति की उम्मीद
फरवरी 2022 से शुरू हुआ रूस-यूक्रेन युद्ध अब दुनिया के सबसे लंबे और विनाशकारी संघर्षों में गिना जा रहा है। लगातार बढ़ते आर्थिक दबाव, सैन्य नुकसान और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच पुतिन का यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और यूरोप के बीच संवाद शुरू होने के संकेत आने वाले महीनों में कूटनीतिक गतिविधियों को तेज कर सकते हैं।
रूसी सैनिकों के नुकसान पर बड़ा दावा
इसी बीच रूस से बाहर संचालित मीडिया प्लेटफॉर्म मेदुजा और मीडियाजोना ने युद्ध को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक युद्ध में रूस के लगभग 3.52 लाख सैनिक मारे जा चुके हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फरवरी 2022 से अब तक रूस और यूक्रेन—दोनों देशों के कुल पांच लाख से अधिक सैनिकों की मौत हो चुकी है। हालांकि रूसी सरकारी रिकॉर्ड में मृत सैनिकों की संख्या करीब 2.18 लाख बताई गई है।
विजय दिवस समारोह के बीच बढ़ी चिंता
रूस इस समय द्वितीय विश्व युद्ध में जीत की 81वीं वर्षगांठ मना रहा है। ऐसे माहौल में भारी सैन्य नुकसान की खबरें देश के भीतर चिंता और भावनात्मक दबाव दोनों बढ़ा रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पुतिन का “संघर्ष खत्म होने” वाला बयान सिर्फ कूटनीतिक संदेश नहीं, बल्कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दबावों का संकेत भी हो सकता है।