नई दिल्ली। मेडिकल छात्रों और NEET UG 2026 के अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया है कि वर्ष 2014 की तुलना में देश में MBBS सीटों की संख्या में 172.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। 2014 से पहले देश में जहां 51,348 MBBS सीटें थीं, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 1,39,864 हो गई है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में देश में मेडिकल शिक्षा के विस्तार से जुड़े आंकड़े साझा किए। सरकार के मुताबिक, इसी अवधि में देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में भी 118.6 फीसदी की वृद्धि हुई है। वर्ष 2014 से पहले देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 846 हो गए हैं।
NMC सीट मैट्रिक्स से भी ज्यादा बताई गई सीटें
हाल ही में नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) की ओर से जारी सीट मैट्रिक्स में MBBS की 1,36,939 सीटें बताई गई थीं। वहीं, केंद्र सरकार ने संसद में देश में 1,39,864 MBBS सीटें होने की जानकारी दी है। यानी दोनों आंकड़ों में करीब 2,925 सीटों का अंतर है।
NEET UG 2026 काउंसलिंग शुरू
NEET UG 2026 में सफल उम्मीदवारों को उनकी रैंक, श्रेणी, पसंद और उपलब्ध सीटों के आधार पर MBBS, BDS, BSc नर्सिंग समेत विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है। 15 फीसदी ऑल इंडिया कोटा, AIIMS, JIPMER, केंद्रीय और डीम्ड विश्वविद्यालयों की सीटों के लिए काउंसलिंग मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) द्वारा कराई जाती है।
वहीं, शेष 85 फीसदी राज्य कोटे की सीटों के लिए संबंधित राज्यों के काउंसलिंग प्राधिकरण जिम्मेदार होते हैं। काउंसलिंग में रजिस्ट्रेशन, च्वाइस फिलिंग, सीट अलॉटमेंट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और कॉलेज में रिपोर्टिंग जैसे चरण शामिल होते हैं।
MCC ने 5 अगस्त 2026 से NEET UG 2026 काउंसलिंग के पहले चरण के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है।
PG मेडिकल सीटों में भी बड़ा इजाफा
केंद्र सरकार के मुताबिक, देश में मेडिकल PG सीटों की संख्या में भी 2014 की तुलना में 176.9 फीसदी की वृद्धि हुई है। 2014 से पहले जहां PG की 31,185 सीटें थीं, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 86,360 हो गई है।
बिहार में भी बढ़ीं मेडिकल सीटें
पिछले पांच वर्षों में बिहार में भी मेडिकल शिक्षा का विस्तार हुआ है। राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 20 से बढ़कर 27 हो गई है, यानी करीब 35 फीसदी की वृद्धि हुई है।
वहीं, बिहार में MBBS सीटों की संख्या 2,415 से बढ़कर 4,285 हो गई है। यह करीब 77.4 फीसदी की बढ़ोतरी है।
नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना पर जोर
मेडिकल शिक्षा के विस्तार के लिए केंद्र सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिला और रेफरल अस्पतालों को अपग्रेड कर नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना के तहत देशभर में 157 नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी गई है। इनमें बिहार के 8 मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।
मौजूदा मेडिकल कॉलेजों को मजबूत करने और सीटें बढ़ाने के लिए भी केंद्र की ओर से वित्तीय सहायता दी जा रही है। 83 कॉलेजों में 4,977 MBBS सीटें बढ़ाने के लिए ₹5,972.20 करोड़ की सहायता दी गई है।
इसके अलावा PG सीटों के विस्तार के लिए पहले चरण में 72 कॉलेजों में 4,058 सीटों के लिए ₹1,498.43 करोड़ और दूसरे चरण में 65 कॉलेजों में 4,000 PG सीटों के लिए ₹4,478.25 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
2028-29 तक बढ़ेंगी हजारों सीटें
योजना के तीसरे चरण के तहत मौजूदा सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के अपग्रेडेशन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 5,000 PG सीटें और 5,023 MBBS सीटें बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इन योजनाओं को पूरा करने की समय-सीमा 2028-29 तक निर्धारित की गई है।
22 नए AIIMS को मंजूरी
केंद्र सरकार ने देश में 22 नए AIIMS स्थापित करने को मंजूरी दी है। इनमें से 19 AIIMS में UG पाठ्यक्रम शुरू हो चुके हैं। इसके अलावा सरकारी मेडिकल कॉलेजों को सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं से लैस करने के लिए 75 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनमें से 71 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।
सरकार का कहना है कि मेडिकल कॉलेजों और MBBS-PG सीटों में यह बढ़ोतरी देश में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने और चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।