नई दिल्ली। मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में नया कानूनी मोड़ सामने आया है। नीले ड्रम हत्याकांड के नाम से चर्चित इस मामले में मृत्युदंड की सजा पाए मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला ने निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। दोनों की ओर से अपील दाखिल किए जाने के बाद अब मामले की अगली सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया पर नजरें टिकी हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के ब्रह्मपुरी क्षेत्र का है। आरोप के मुताबिक, 3 मार्च 2025 को सौरभ राजपूत की हत्या कर उसके शव को नीले ड्रम में छिपाया गया था। जांच और सुनवाई के बाद सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को इस मामले में दोषी ठहराया गया।
जानकारी के अनुसार, जिला जज अरविंद कुमार मिश्र की अदालत ने 14 अक्टूबर को दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। मृत्युदंड की पुष्टि के लिए अदालत का आदेश हाईकोर्ट भेजा गया। अब दोनों दोषियों ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील दायर की है।
वरिष्ठ अधिवक्ता के माध्यम से दाखिल हुई अपील
रिपोर्ट के मुताबिक, वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील शुक्ला के माध्यम से दोनों की ओर से हाईकोर्ट में अपील दाखिल की गई। फिलहाल, अपील पर सुनवाई की तारीख को लेकर जानकारी सामने नहीं आई है। मृत्युदंड की पुष्टि और अपील पर फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
अमित हत्याकांड के दोषी भी करेंगे अपील
इसी बीच, अमित हत्याकांड में मृत्युदंड पाए अमरदीप और रविता भी निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। इस मामले में अमित की हत्या को हादसा दिखाने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई थी। अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों को मृत्युदंड सुनाया था।
बच्ची के भविष्य को लेकर उठी मानवीय अपील
मामले के बीच कवयित्री अनामिका जैन अंबर और उनके पति सौरभ जैन ने जेल में मुस्कान से मुलाकात की। अनामिका जैन अंबर ने मुस्कान की 10 महीने की बच्ची के भविष्य का हवाला देते हुए मानवीय आधार पर सजा में बदलाव की अपील की। उन्होंने बच्ची के हित को ध्यान में रखते हुए मुस्कान की सजा को उम्रकैद में बदलने पर विचार करने की बात कही।
हालांकि, यह उनकी व्यक्तिगत मानवीय अपील है। सजा में किसी भी तरह का बदलाव न्यायिक प्रक्रिया और संबंधित अदालत के फैसले पर निर्भर करेगा।
फिलहाल, सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान और साहिल की अपील के साथ मृत्युदंड की पुष्टि की प्रक्रिया महत्वपूर्ण बनी हुई है। हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद मामले की अगली कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।