‘वोट चोरी’ के आरोपों पर विपक्ष का बड़ा प्रदर्शन, राजघाट पहुंचे राहुल गांधी और खड़गे

नई दिल्ली। चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR अभियान में कथित अनियमितताओं के विरोध में कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष का प्रदर्शन गुरुवार को लगातार तीसरे दिन जारी रहा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अगुवाई में विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजघाट तक मार्च निकाला।

गुरुवार शाम सैकड़ों विपक्षी नेता और कार्यकर्ता राजघाट पहुंचे। यहां उन्होंने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। विपक्षी नेताओं ने आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा की।

कनॉट प्लेस में हुई विपक्षी नेताओं की बैठक

राजघाट मार्च से पहले कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक के वरिष्ठ नेताओं की कनॉट प्लेस में बैठक हुई। इस दौरान एसआईआर को लेकर लगाए जा रहे आरोपों और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर आंदोलन को और व्यापक बनाने की रणनीति पर विचार किया गया।

विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में गड़बड़ियां हुई हैं, जिससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

राहुल-खड़गे समेत कई नेता प्रदर्शन में शामिल

राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता पिछले दो दिनों से दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्रवाई से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।

राजघाट पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विपक्ष और जनता की आवाज सुनने की अपील भी की।

इससे पहले बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष यह संदेश देना चाहता है कि देश की आजादी और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए किए गए संघर्ष के बाद मिले वोट देने के अधिकार की रक्षा जरूरी है।

चुनाव आयोग पर विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनाव आयोग पर कथित ‘वोट चोरी’ का आरोप लगा रहे हैं। विपक्ष का दावा है कि एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के जरिए मतदाताओं के अधिकार प्रभावित किए जा रहे हैं।

विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग समेत संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों को लेकर चुनाव आयोग और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया के आधार पर आगे की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान

इसी बीच छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से जुड़े नवगठित संगठन कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) ने भी 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। संगठन ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर आंदोलन करने की बात कही है।

विपक्ष के लगातार प्रदर्शन के बीच एसआईआर का मुद्दा अब दिल्ली की राजनीति में प्रमुख राजनीतिक विवाद बनता जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *