रायपुर। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की प्रख्यात समाजसेविका डॉ. बुधरी ताती को उनके उत्कृष्ट सामाजिक योगदान और जनसेवा के लिए देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में आयोजित एक गरिमामय समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। डॉ. ताती को आदिवासी अंचलों में महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए यह सम्मान मिला है।
आदिवासी अंचल में बदलाव की मिसाल
दंतेवाड़ा जिले के हीरानगर की निवासी डॉ. बुधरी ताती पिछले चार दशकों से आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सामाजिक सेवा के कार्यों से जुड़ी हुई हैं। वर्ष 1984 से उन्होंने बस्तर के दूरस्थ और दुर्गम गांवों में पहुंचकर वंचित और शोषित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का अभियान चलाया। उनके प्रयासों से हजारों महिलाओं को रोजगार और स्वावलंबन की नई राह मिली।
लोकसेवा की प्रेरणा से शुरू हुआ सफर
डॉ. ताती को किशोरावस्था में गुरमगुंडा आश्रम के श्रद्धेय लखमू बाबा से समाज सेवा की प्रेरणा मिली। इसके बाद उन्होंने नागपुर स्थित अखिल भारतीय राष्ट्रीय सेवा समिति से प्रशिक्षण प्राप्त किया और जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। तब से वे लगातार ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में सामाजिक जागरूकता और विकास के कार्यों में जुटी हुई हैं।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुधार पर जोर
डॉ. बुधरी ताती ने महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, लघु उद्योग और स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम किया। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में नशाखोरी और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ उन्होंने कई जनजागरण अभियान चलाए, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला।
समाज सेवा को ही बनाया जीवन का लक्ष्य
समाज सेवा को अपना धर्म मानने वाली डॉ. ताती ने अपना पूरा जीवन जनकल्याण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने विवाह नहीं किया और समाज को ही अपना परिवार माना। उनके समर्पण और सादगी के कारण स्थानीय लोग उन्हें स्नेहपूर्वक ‘बुआ’ और ‘ताती’ के नाम से पुकारते हैं।
पहले भी मिल चुके हैं कई सम्मान
डॉ. बुधरी ताती के सामाजिक कार्यों को राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर कई बार सराहा जा चुका है। उन्हें अब तक 22 से अधिक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें कई राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार भी शामिल हैं। पद्मश्री सम्मान उनके जीवन की उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ता है।
डॉ. बुधरी ताती को मिले इस सम्मान से न केवल दंतेवाड़ा और बस्तर क्षेत्र, बल्कि पूरा छत्तीसगढ़ गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनका जीवन समाज सेवा, समर्पण और जनकल्याण की प्रेरक मिसाल माना जाता है।