नई दिल्ली। कांग्रेस ने छात्रों, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर देशव्यापी अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। पार्टी 25 जून से ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत करेगी। इसके तहत देशभर के विभिन्न राज्यों और प्रमुख शहरों में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी। कांग्रेस का कहना है कि इस अभियान के माध्यम से छात्रों की समस्याओं और शिक्षा क्षेत्र की चुनौतियों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।
शिक्षा नीति और पेपर लीक होंगे प्रमुख मुद्दे
कांग्रेस इस अभियान के जरिए शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और पेपर लीक जैसी घटनाओं को प्रमुख मुद्दा बनाएगी। पार्टी का आरोप है कि शिक्षा क्षेत्र में लगातार सामने आ रही समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। साथ ही केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों को लेकर भी सवाल उठाए जाएंगे।
कई राज्यों में एक साथ होगी प्रेस वार्ता
अभियान के तहत दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पंजाब, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में वरिष्ठ कांग्रेस नेता मीडिया को संबोधित करेंगे। पार्टी की रणनीति है कि अलग-अलग क्षेत्रों में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर व्यापक जनचर्चा शुरू की जाए।
वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई जिम्मेदारी
कांग्रेस नेतृत्व ने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न राज्यों और शहरों में नेताओं की जिम्मेदारियां तय की हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों पर पार्टी अपना पक्ष रखेगी।
छात्रों और अभिभावकों से जुड़ने की कोशिश
कांग्रेस ने छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों से इस अभियान में भागीदारी की अपील की है। पार्टी का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक, समावेशी और रोजगारोन्मुख बनाने के लिए व्यापक संवाद और जनभागीदारी जरूरी है।
पार्टी के अनुसार, ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का उद्देश्य छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय मंच प्रदान करना और शिक्षा सुधार से जुड़े मुद्दों पर जनमत तैयार करना है। इससे शिक्षा और रोजगार के सवालों को लेकर देशभर में चर्चा को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।