नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। यह बैठक पद्म पुरस्कार समारोह के तुरंत बाद हुई, हालांकि इसके एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। इसके बावजूद राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में संभावित फेरबदल और कैबिनेट विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
राष्ट्रपति सचिवालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं, जिसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चाएं तेज हो गईं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हालिया घटनाक्रम सरकार में बड़े संगठनात्मक और प्रशासनिक बदलावों का संकेत हो सकता है।
जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे ने बढ़ाई अटकलें
केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे ने कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं को और हवा दे दी है। राज्यसभा सदस्य के रूप में उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया। वे अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है। माना जा रहा है कि यह आगामी मंत्रिमंडल पुनर्गठन की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।
रवीनीत सिंह को लेकर भी बढ़ी चर्चा
केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवीनीत सिंह का राज्यसभा कार्यकाल भी हाल ही में समाप्त हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें दोबारा उच्च सदन के लिए उम्मीदवार नहीं बनाया है। वे रेल मंत्रालय के साथ-साथ खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में भी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
ऐसे में उनके भविष्य को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानकारों का मानना है कि केंद्र सरकार मंत्रिपरिषद में नए चेहरों को शामिल कर क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश कर सकती है।
संगठनात्मक बदलावों का दिख सकता है असर
बीजेपी ने हाल के महीनों में संगठन स्तर पर भी कई अहम बदलाव किए हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश भाजपा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
सरकार और संगठन में नेताओं की दोहरी जिम्मेदारियों को देखते हुए मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावनाएं और मजबूत होती दिखाई दे रही हैं।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों, संगठनात्मक समीकरणों और सरकार की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार जल्द ही मंत्रिमंडल में बदलाव कर सकती है। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय या केंद्र सरकार की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
फिलहाल प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू की मुलाकात के बाद दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में संभावित कैबिनेट विस्तार और मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाएं लगातार तेज बनी हुई हैं।