गाजीपुर। प्रदेश में कानून व्यस्था का राज स्थापित करने वाले सूबे के मुख्यमंत्री के फरमान की उड़ा रहे धज्जियां। कुछ ऐसी ही बानगी सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम सबुआ की प्रकाश में आयी। जिला मजिस्ट्रेट अनुपम शुक्ला के आदेश को लेखपाल व थानेदार ने मानने से इंकार कर दिया। ग्राम सबुआ की परमशीला देवी के पुश्तैनी जमीन पर अनाधिकृत तरीके से पटिदारो को मकान बनाना से रोकने के लिए वाद संख्या 1259 सन् 2026 दाखिल किया।
जिसपर सुनवाई करते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने 15 जून को गाटा संख्या 1340ख, 1340च, 1340झ पर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर स्थगन आदेश पारित किया। वादिनी ने आरोप लगाया कि पटिदार जोखन यादव, मदन यादव व गंगाविशुन यादव जिला मजिस्ट्रेट के आदेश को मानने से इंकार करते हुए क्षेत्र के लेखपाल व थानेदार करण्डा को अपने प्रभाव मे लेकर विवादित जमीन पर अपना नव निर्माण कराने लगे।
विधवा परमशीला देवी निर्माण कार्य को रूकवाने के लिए सरकारी अधिकारियो के यहा चक्कर लगाने लगी। आदेश का अनुपालन कराने के लिए दर दर भटकते लगी और आदेश की कापी थानाध्यक्ष करण्डा व हल्का लेखपाल को दिखाया तो दोनो ने आदेश मानने से इंकार कर दिया और फरियादी निर्माण कार्य रोकवा नही सकी। इस संबंध मे उपजिलाधिकारी सदर ने बताया कि मामला का संज्ञान लेते हुए इसकी जांच कराकर निस्तारण कर दिया जायेगा। इस प्रकरण पर जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि ये प्रशासन के लिए बहुत ही विषम परिस्थिति पैदा की जा रही है। संबंधित लेखपाल व थानाध्यक्ष करण्डा पर आदेश के अवमानना का मामला बनता है।
अबला नारी के सम्पत्ति की सुरक्षा करना प्रशासन का नैतिक धर्म है इसके लिए नारी शक्ति मिशन के तहत विधिक जागरूक्ता अभियान चलाकर गांव गांव मे जागरूकता फैलाया जा रहा है। वही थानेदार व लेखपाल इसका अनुपालन न करके सरकार व प्रशासन को चुनौति देने का काम कर रहे है। फरियादी ने जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के अवमानना की फरियाद मुख्यमंत्री व उच्चाधिकारियो से की है।