सुकमा। छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े शुक्रवार को एक दिवसीय प्रवास पर सुकमा पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न संस्थाओं और नक्सल पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और सुविधाओं में आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
दौरे की शुरुआत मंत्री ने रोकेल स्थित आंगनबाड़ी केंद्र और जिला अस्पताल परिसर में संचालित पोषण एवं पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) के निरीक्षण से की। यहां उन्होंने बच्चों के बीच समय बिताया, उनसे स्वास्थ्य, पढ़ाई और दैनिक गतिविधियों के बारे में बातचीत की। बच्चों के साथ फर्श पर बैठकर एबीसीडी और पहाड़े भी सुने। उनका उत्साह बढ़ाने के लिए फल और चॉकलेट वितरित किए तथा परिसर में पौधारोपण किया। उन्होंने अधिकारियों को बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पोषण और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इसके बाद मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े कुम्हाररास स्थित इमली प्रसंस्करण केंद्र पहुंचीं। यहां कलेक्टर अमित कुमार ने केंद्र की कार्यप्रणाली और स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों की जानकारी दी। बताया गया कि केंद्र के माध्यम से करीब 60 महिलाओं को रोजगार मिला है और इमली से विभिन्न उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। मंत्री ने महिलाओं से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की और उत्पादन प्रक्रिया का अवलोकन किया।

दौरे के अंतिम चरण में मंत्री ने नक्सल पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में रह रहे आत्मसमर्पित युवाओं से मुलाकात कर भोजन, आवास और प्रशिक्षण संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने बताया कि पुनर्वास योजना के तहत युवाओं को विभिन्न रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। इस अवसर पर मंत्री ने 36 प्रशिक्षणार्थियों को वेलकम किट वितरित की और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर, डिप्टी कलेक्टर शबाब खान, महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक सीबी सिसोदिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी शिवदास नेताम सहित जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।