पटना। काउंटिंग से एक दिन पहले बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। गुरुवार को तेजस्वी यादव ने राबड़ी आवास पर महागठबंधन नेताओं की एक अचानक बुलाई गई उच्चस्तरीय बैठक की। इस चर्चा में भाकपा माले के नेता दीपांकर भट्टाचार्य, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी और राजद के वरिष्ठ चेहरे मौजूद रहे। मतगणना से ठीक पूर्व इस बैठक को अंतिम रणनीति तय करने के रूप में देखा जा रहा है।
इससे पहले दिन में तेजस्वी यादव ने महागठबंधन के सभी उम्मीदवारों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ वर्चुअल मीटिंग की थी। उन्होंने मतगणना की प्रक्रिया पर पैनी नजर रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने के निर्देश दिए। तेजस्वी ने स्पष्ट कहा कि काउंटिंग के दौरान “जरा सी भी ढिलाई नुकसान पहुँचा सकती है”, इसलिए हर पोलिंग एजेंट को पूरी सतर्कता के साथ तैनात रहना होगा।
उन्होंने उम्मीदवारों को बताया कि ईवीएम की सील, फॉर्म 17C और गिनती की टेबल पर होने वाली हर प्रक्रिया की बारीकी से जांच अनिवार्य है। तेजस्वी ने यह भी आशंका जताई कि मतगणना के दौरान गति को प्रभावित करने या दबाव बनाने की कोशिशें की जा सकती हैं, इसलिए सभी पदाधिकारियों और एजेंटों को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहना होगा।