निर्वाचन आयोग का बड़ा अभियान, 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू होगा SIR

भारत निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चरणबद्ध तरीके से मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की शुरुआत करने की घोषणा की। आयोग ने इसे देशव्यापी बड़ा अभियान बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची की सटीकता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता को मजबूत करना है।

निर्वाचन आयोग के अनुसार एसआईआर के तीसरे चरण का कार्यक्रम वर्तमान में चल रही जनगणना की मकान सूचीकरण प्रक्रिया में लगी फील्ड मशीनरी की उपलब्धता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। तीसरे चरण की शुरुआत के साथ यह प्रक्रिया पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू हो जाएगी, हालांकि फिलहाल इसमें हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख को शामिल नहीं किया गया है।

आयोग ने बताया कि इन क्षेत्रों में कार्यक्रम की घोषणा बाद में की जाएगी। इसके पीछे जनगणना के दूसरे चरण की प्रक्रिया और ऊंचाई वाले बर्फीले इलाकों में मौसम संबंधी चुनौतियों को कारण बताया गया है।

इस व्यापक पुनरीक्षण अभियान के तहत 3.94 लाख से अधिक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। इस कार्य में विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त करीब 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी सहयोग करेंगे।

निर्वाचन आयोग ने एसआईआर को “सहभागी और पारदर्शी प्रक्रिया” बताते हुए कहा कि इसमें मतदाता, राजनीतिक दल और चुनाव अधिकारी कई स्तरों पर शामिल होते हैं। आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे हर मतदान केंद्र पर बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करें ताकि प्रक्रिया पारदर्शी, समावेशी और प्रभावी बनी रहे।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “मैं सभी मतदाताओं से अपील करता हूं कि वे एसआईआर के तीसरे चरण में उत्साहपूर्वक भाग लें और अपने गणना फॉर्म भरें। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में केवल पात्र मतदाता ही शामिल हों और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में न रहे।”

आयोग ने यह भी बताया कि पहले दो चरणों में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 59 करोड़ मतदाता शामिल थे। इस दौरान 6.3 लाख से अधिक बूथ लेवल अधिकारियों और 9.2 लाख बूथ लेवल एजेंटों की तैनाती की गई थी।

अधिकारियों के अनुसार इस गहन संशोधन अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना है। इसके तहत डुप्लीकेट, स्थानांतरित, मृत या अयोग्य मतदाताओं की पहचान की जाएगी, साथ ही सभी पात्र नागरिकों का नाम सूची में जोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा।

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