रायपुर/पटना। देश के कई हिस्सों में मानसून का असर अलग-अलग रूप में दिखाई दे रहा है। कहीं लगातार बारिश से नदियां उफान पर हैं और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, तो कहीं कमजोर मानसून के कारण सूखे जैसी स्थिति ने चिंता बढ़ा दी है। बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड के कई इलाकों में बारिश और जलभराव से जनजीवन प्रभावित है। वहीं राजस्थान के 17 जिलों में मानसून कमजोर रहने के कारण सूखे जैसे हालात बताए जा रहे हैं।
मौसम विभाग (IMD) ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। कई राज्यों में नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के बीच प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।
बिहार में गंगा-गंडक उफान पर
बिहार में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पटना का दीघा घाट पानी में डूब गया है और गंगा का पानी घाट से करीब आधा किलोमीटर के दायरे तक पहुंच गया है। बगहा के डुमरिया घाट पर गंडक नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
बाढ़ की आशंका को देखते हुए बिहार के 15 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।
चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप
मध्य प्रदेश के सतना, चित्रकूट, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 26 फीट ऊपर पहुंच गया है। नदी किनारे करीब 400 दुकानें पानी में डूब चुकी हैं।
कई लोग घरों और होटलों में फंस गए हैं। राहत और बचाव अभियान के लिए SDRF की टीमें तैनात हैं, जबकि दो हेलिकॉप्टरों की मदद से लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने आश्रय स्थल में रह रहे प्रभावित लोगों से मुलाकात की और राहत सामग्री का वितरण किया।
सतना में 1 सितंबर तक स्कूल बंद
भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सतना जिले में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। प्रशासन लगातार जलभराव और नदी-नालों की स्थिति पर नजर रख रहा है।
रेल यातायात भी प्रभावित
मध्य प्रदेश के चितहरा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर कई फीट पानी भर गया है। जलभराव के कारण 24 यात्री ट्रेनें और 20 मालगाड़ियां प्रभावित हुई हैं। रेलवे प्रशासन की ओर से स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
छत्तीसगढ़ में दादर नाला उफान पर
छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर में भी भारी बारिश का असर देखने को मिला है। दादर नाला उफान पर आने के कारण चिमनी भट्ठा इलाके में कमर तक पानी भर गया। इससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश में सड़कों पर चल रही नावें
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में गंगा का जलस्तर बढ़ने से शहर के कई इलाकों में पानी पहुंच गया है। जलभराव के कारण कुछ क्षेत्रों में सड़कों पर नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
राजस्थान में बारिश की कमी से सूखे जैसे हालात
एक ओर जहां कई राज्यों में भारी बारिश से बाढ़ का संकट है, वहीं राजस्थान में मानसून की कमजोरी चिंता बढ़ा रही है। जयपुर समेत राज्य के 15 शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है।
कमजोर मानसून के चलते जयपुर सहित 17 जिलों में सूखे जैसे हालात बताए जा रहे हैं। ऐसे में राज्य के कई इलाकों में सामान्य से कम बारिश ने किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
उत्तराखंड में भी मौसम का असर
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में रामनगर के टेढ़ा रोड-पाटकोट मार्ग पर अचानक नाला उफान पर आ गया। वहीं, नैनीताल जाने वाली मुख्य सड़क पर पहाड़ी दरकने से नैनीताल-काठगोदाम मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ और जाम की स्थिति बन गई।
छह राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वोत्तर राज्यों के साथ छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
देश के अलग-अलग हिस्सों में बने इन विपरीत मौसम हालात ने मानसून की तस्वीर को भी अलग-अलग कर दिया है। एक तरफ कई राज्यों में बाढ़ और जलभराव से जनजीवन प्रभावित है, तो दूसरी तरफ राजस्थान के कई जिलों में पर्याप्त बारिश नहीं होने से सूखे जैसी स्थिति चिंता का कारण बनी हुई है।