लोकतंत्र प्रहरी /दुर्ग छत्तीसगढ़ मंत्रालय में नौकरी लगाने के नाम पर दुर्ग जिले के दो लोगो ने 12 लोगों से 70 लाख रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है।मामला अंजोरा थाना क्षेत्र का है।यहां दुर्ग वेटनरी कॉलेज से रिटायर 62 वर्षीय भेषराम देशमुख और उसके बेटे रविकांत ने 12 लोगों को मंत्रालय में नौकरी लगाने का झांसा देकर ठगी का शिकार बना लिया है.
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी भेषराम ने अपने बेटे को मंत्रालय मे अधिकारी बताकर लोगों से बड़ी रकम ऐठ ली.और उस रकम से कुथरेल में 12 लाख रुपए की जमीन भी खरीद लिया. जब मामला पुलिस में पहुंचा तो पुलिस जाँच के बाद खुलासा हुआ.की दोनों बाप बेटा ने मंत्रालय में पोस्ट के अनुसार रकम तय कर रखी थी.
चपरासी की पोस्ट के लिए 2 लाख 50 हजार और बाबू के लिए 4 लाख. पुलिस ने शिकायत मिलने पर दोनों बाप बेटा को गिरफ्तार कर लिया है.पीडितों ने पुलिस में मामला दर्ज कराया तब अन्य ठगी के शिकार लोग भी सामने आये. पीड़ित संतराम ने पुलिस को बताया आरोपी पैसा लेने के बाद उसे लगातार गुमराह कर रहे थे। संतराम ने 3 सितम्बर को अंजोरा थाना में एफआईआर दर्ज कराई.
इधर, पुलिस ने दोनों के बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य सबूतों के आधार पर जांच शुरू की तब जाकर मामले का खुलासा हुआ.जांच में ये बात सामने आई कि, दोनों बाप-बेटे ने राजनांदगांव के अरुण मेश्राम के साथ मिलकर ठगी को अंजाम दिया है।इस मामले में तीसरे व्यक्ति की भी भूमिका सामने आई है।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दोनों बाप-बेटे को दुर्ग शहर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की पुछताछ में दोनों ने अपने गुनाह कबूल कर लिया है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे अबतक 12 लोगों से 70 लाख रुपए ठग लिए है। और उनके हिस्से में 20 लाख रुपए आए हैं।दुर्ग एएसपी पदम् श्री तंवर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया है कि, आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
और ठगी की रकम से जमीन खरीदने की बात भी स्वीकार कर ली है। पुलिस ने आरोपियों से ठगी की रकम और बैंक पासबुक के अलावा खरीदे गए जमीन की रजिस्ट्री जप्त कर ली है। और दोनों आरोपी को कोर्ट में पेश कर दिया जहां से कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया है। फिलहाल तीसरा आरोपी अरुण मेश्राम फरार बताया जा रहा है।