नई दिल्ली, । गणेश चतुर्थी का पर्व आज 14 सितंबर को देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इसी के साथ गणेश महोत्सव की शुरुआत हो गई है, जो 25 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी।
गणेश चतुर्थी के अवसर पर श्रद्धालु शुभ मुहूर्त में गणपति बप्पा की स्थापना करेंगे। पूजा में भगवान गणेश को मोदक, लड्डू और अन्य प्रिय भोग अर्पित किए जाएंगे। देशभर के कई शहरों में आकर्षक गणेश पंडाल सजाए गए हैं, जहां पूरे उत्सव के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
ऐसे करें गणपति की स्थापना
गणपति स्थापना के लिए सबसे पहले पूजा स्थल की अच्छी तरह साफ-सफाई करें। इसके बाद चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। प्रतिमा के सामने कलश रखें और भगवान गणेश का ध्यान करते हुए पूजा का संकल्प लें।
इसके बाद गणेश जी को जल, पंचामृत, रोली, अक्षत, दूर्वा और फूल अर्पित करें। भगवान गणेश को मोदक या लड्डू का भोग लगाएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, दूर्वा भगवान गणेश को विशेष प्रिय है, इसलिए पूजा में दूर्वा अर्पित करना शुभ माना जाता है।
पूजा के अंत में गणेश जी की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना करें। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक गणपति की पूजा करने से जीवन के विघ्न दूर होते हैं और शुभता का आगमन होता है।
10 दिनों तक चलेगा गणेशोत्सव
गणेश चतुर्थी से शुरू होने वाले गणेशोत्सव के दौरान भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार कई दिनों तक भगवान गणेश की पूजा करते हैं। घरों में स्थापित प्रतिमा के सामने नियमित रूप से आरती और भोग लगाया जाता है। सार्वजनिक पंडालों में भी भक्तों की भीड़ उमड़ती है।
उत्सव के समापन पर विधि-विधान से गणपति विसर्जन किया जाता है। भक्त भगवान गणेश से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करते हुए उन्हें विदाई देते हैं और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे लगाते हैं।