विकसित भारत 2047 के लिए छत्तीसगढ़ की प्राथमिकताओं पर हुई अहम चर्चा

रायपुर। ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका तय करने और राज्य की विकास प्राथमिकताओं पर रणनीति बनाने के लिए मंत्रालय महानदी भवन में राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में छठवें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन के लिए विभिन्न विभागों की प्रस्तुतियों और प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई।

निवेश, रोजगार और नागरिक सुविधाओं पर जोर

कार्यशाला में राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मंथन किया गया। इनमें निवेश को बढ़ावा देना, रोजगार के अवसर बढ़ाना, नागरिक सेवाओं का विस्तार, शहरी सुविधाओं को बेहतर करना, ग्रामीण संपर्क मजबूत करना, जल प्रबंधन और ऊर्जा क्षेत्र को सुदृढ़ करना प्रमुख रूप से शामिल रहे।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि विभागीय योजनाओं के लक्ष्य स्पष्ट, ठोस और समयबद्ध होने चाहिए। योजनाओं में ऐसे माइलस्टोन तय किए जाएं, जिनके आधार पर यह आकलन किया जा सके कि सरकारी योजनाओं का आम नागरिकों के जीवन पर कितना सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

महत्वपूर्ण खनिज और सौर ऊर्जा पर विशेष चर्चा

कार्यशाला में खनिज सचिव पी. दयानंद ने महत्वपूर्ण खनिजों के विकास और उनसे जुड़ी संभावनाओं को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी। वहीं ऊर्जा सचिव सारांश मित्तर ने अनुपयोगी भूमि (वेस्टलैंड) पर सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विकास की रणनीति सामने रखी।

उन्होंने ऊर्जा व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय, किफायती और आम लोगों के लिए सुलभ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कई विभागों ने प्रस्तुत की कार्ययोजना

बैठक में नगरीय प्रशासन, स्कूल शिक्षा, कृषि, सामान्य प्रशासन, आवास एवं पर्यावरण, आदिम जाति विकास, पर्यटन, राजस्व, कौशल विकास, स्वास्थ्य, श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिवों और सचिवों ने अपने-अपने विभागों की कार्ययोजनाएं प्रस्तुत कीं।

कार्यशाला में नगरीय प्रशासन विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, आदिम जाति विकास विभाग के सचिव भूवनेश यादव, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

इसके अलावा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, कौशल विकास विभाग के सचिव बसवराजु एस., स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क रजत बंसल, उद्योग विभाग के संचालक प्रभात मलिक और नीति आयोग के सदस्य आशीष भट्ट सहित अन्य अधिकारी भी कार्यशाला में उपस्थित रहे।

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