नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि सभी OTT (ओवर द टॉप) और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। सरकार ने कहा है कि इन डिजिटल मंचों पर किसी भी प्रकार की ऐसी सामग्री का प्रसारण या प्रकाशन नहीं किया जा सकता, जो देश के किसी भी लागू कानून के तहत प्रतिबंधित हो।
सरकार के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत अधिसूचित आईटी नियम, 2021 के भाग-III में OTT प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित होने वाले ऑनलाइन क्यूरेटेड कंटेंट के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं। इन नियमों के तहत ऐसा कोई भी कंटेंट प्रसारित नहीं किया जा सकता, जो वर्तमान कानूनों के अनुसार प्रतिबंधित हो।
वहीं, भाग-II में सोशल मीडिया और अन्य मध्यस्थ (Intermediary) प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं द्वारा साझा की जाने वाली सामग्री को लेकर विशेष ड्यू डिलिजेंस (Due Diligence) की जिम्मेदारी तय की गई है। इसके तहत सोशल मीडिया कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता ऐसी सामग्री अपलोड, प्रकाशित, साझा या प्रसारित न करें, जो कानून का उल्लंघन करती हो।
सरकार ने कहा कि इन नियमों का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जिम्मेदार आचरण को बढ़ावा देना, गैरकानूनी और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार पर रोक लगाना तथा सुरक्षित और जवाबदेह डिजिटल वातावरण सुनिश्चित करना है।
यह जानकारी सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने दी।