डेस्क। सुबह का नाश्ता दिनभर की ऊर्जा के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में कई लोग दूध, पोहा, फल या अन्य चीजों के बजाय रातभर भिगोए हुए काले चने खाना पसंद करते हैं। काले चने स्वादिष्ट होने के साथ-साथ प्रोटीन, फाइबर, आयरन, फोलेट और मैग्नीशियम जैसे कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। हालांकि, रोजाना सुबह भीगे काले चने खाना हर व्यक्ति के लिए समान रूप से फायदेमंद हो, यह जरूरी नहीं है।
रातभर भिगोए हुए काले चने सुबह नाश्ते का पौष्टिक हिस्सा बन सकते हैं। इनमें मौजूद प्रोटीन और फाइबर लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकते हैं। यही वजह है कि वजन नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे लोग भी इन्हें अपनी डाइट में शामिल करते हैं। हालांकि, केवल काले चने खाने से वजन कम नहीं होता। इसके लिए संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है।
पाचन के लिए फायदेमंद हो सकता है फाइबर
काले चनों में अच्छी मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र के लिए जरूरी है। पर्याप्त फाइबर का सेवन कब्ज की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, कुछ लोगों को चने खाने के बाद गैस, पेट फूलने या अपच की समस्या हो सकती है। ऐसे लोगों को शुरुआत में कम मात्रा में चने खाने चाहिए और शरीर की प्रतिक्रिया के अनुसार मात्रा तय करनी चाहिए।

मसल्स के रखरखाव में मददगार प्रोटीन
काले चने प्रोटीन का भी अच्छा स्रोत हैं। प्रोटीन मांसपेशियों के रखरखाव और शरीर के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी पोषक तत्व है। इसके अलावा काले चनों में आयरन भी पाया जाता है। हालांकि, सिर्फ काले चनों के सेवन से शरीर की पूरी प्रोटीन या आयरन की जरूरत पूरी नहीं होती। इसलिए इन्हें संतुलित नाश्ते का हिस्सा बनाना बेहतर माना जाता है।
चने खाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
भीगे हुए काले चने खाने से पहले उन्हें अच्छी तरह धोना चाहिए। चनों को पर्याप्त समय तक पानी में भिगोना जरूरी है, ताकि वे अच्छी तरह फूल जाएं। अगर चने खाने के बाद लगातार गैस, पेट दर्द, पेट फूलना या अपच जैसी परेशानी होती है, तो इनकी मात्रा कम कर देनी चाहिए।
जिन लोगों को पहले से कोई बीमारी है, पाचन संबंधी समस्या है या वे किसी चिकित्सकीय डाइट का पालन कर रहे हैं, उन्हें रोजाना अधिक मात्रा में काले चने खाने से पहले डॉक्टर या डायटीशियन की सलाह लेनी चाहिए।
कुल मिलाकर, भीगे हुए काले चने सुबह के नाश्ते का पौष्टिक हिस्सा हो सकते हैं। इनमें प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। हालांकि, इन्हें पूरी डाइट का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। संतुलित खान-पान और सही मात्रा के साथ इन्हें डाइट में शामिल करना अधिक उचित है।