नई दिल्ली। अगर आप अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना आपके लिए बड़ा सहारा बन सकती है। इस योजना के तहत पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को बिना किसी गारंटी के 3 लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही, सरकार टूलकिट खरीदने के लिए 15,000 रुपये का प्रोत्साहन और कौशल प्रशिक्षण भी देती है।
योजना के तहत पहले चरण में 1 लाख रुपये का लोन 18 महीने की अवधि के लिए मिलता है। इसके सफल उपयोग और समय पर भुगतान के बाद दूसरे चरण में 2 लाख रुपये का अतिरिक्त लोन 30 महीने की अवधि के लिए दिया जाता है। लाभार्थी को केवल 5 प्रतिशत ब्याज देना होता है, जबकि 8 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी केंद्र सरकार वहन करती है।
यह योजना 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों के लिए है। आवेदन के समय लाभार्थी की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और वह असंगठित क्षेत्र से जुड़ा होना चाहिए। पिछले पांच वर्षों में स्वरोजगार के लिए किसी अन्य सरकारी ऋण योजना का लाभ नहीं लिया होना चाहिए। एक परिवार से केवल एक सदस्य ही इस योजना का लाभ उठा सकता है और परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए।
योजना का पंजीकरण कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से आधार और बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए किया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान लाभार्थियों को 500 रुपये प्रतिदिन का भत्ता भी दिया जाता है। इसके अलावा आधुनिक औजार खरीदने के लिए 15,000 रुपये का ई-वाउचर प्रदान किया जाता है, जिससे कारीगर अपने काम को और बेहतर बना सकें।