झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी में एक प्रेम विवाह की कहानी दर्दनाक मोड़ पर खत्म हो गई। अलीगोल खिड़की मोहल्ले की 21 वर्षीय महक अपने कमरे में फांसी के फंदे से लटकी मिली। डेढ़ साल पहले उसने हिंदू युवक विवेक अहिरवार से भागकर शादी की थी।
महक के परिवार और ससुराल के बीच विवाद गहरा गया है। ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि मायके वालों का दावा है कि महक की हत्या की गई। मृतका की मां गुड़िया ने आरोप लगाया कि विवेक और उसके परिवार ने महक को पैसों के लिए प्रताड़ित किया। गुड़िया ने बताया, “शादी के शुरुआती समय में सब ठीक था, लेकिन धीरे-धीरे वे पैसों और सामान की मांग करने लगे। जब महक ने इन मांगों को ठुकराया, तो उसे पीटा गया।”
गुड़िया के अनुसार, महक ने दो बार आत्महत्या की कोशिश की थी। पहली बार मायके आने के बाद परिवार ने उसे समझौते की उम्मीद में ससुराल वापस भेज दिया। 9 अक्टूबर को महक के परिवार मजदूरी के लिए इंदौर गया हुआ था। इसी दौरान सूचना मिली कि महक ने फांसी लगा ली। जब वे झांसी लौटे, तो पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर दिया था।
गुड़िया ने कहा, “मेरी बेटी को विवेक और उसकी मां ने मिलकर मारा है। जब शव को वाहन में ले जाया जा रहा था, मेरे भाई ने देखा और पुलिस को सूचना दी।” परिवार का आरोप है कि विवेक अक्सर महक पर मायके से संपर्क कम करने और रिश्ते तोड़ने का दबाव डालता था। गुड़िया ने यह भी बताया कि महक डरती थी, लेकिन खुलकर कुछ नहीं कह पाती थी और कई बार फोन पर धमकी मिलने की बात बताई थी।
कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश अवस्थी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या प्रतीत होता है। विवेक अहिरवार को हिरासत में लिया गया है और परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ की जा रही है। विवेक का दावा है कि महक मानसिक तनाव में थी, लेकिन पुलिस इस दावे की पुष्टि नहीं कर रही।
महक के भाई ने कहा, “हमारी बहन खुश नहीं थी। अगर उसने आत्महत्या भी की, तो जिम्मेदार उसके ससुराल वाले हैं। पुलिस को हत्या का मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।”