नूरपुर (कांगड़ा) की सामाजिक कार्यकर्ता और सांस्कृतिक संरक्षण से लंबे समय से जुड़ी मालविका पठानिया को भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक धरोहर न्यास (इंटैक) का उपाध्यक्ष चुना गया है। यह निर्णय 17 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में आयोजित संगठन की संचालन परिषद की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
बैठक के दौरान उनके नाम का प्रस्ताव अध्यक्ष अशोक ठाकुर ने रखा, जिसे परिषद के सभी सदस्यों ने समर्थन दिया। इस मौके पर अध्यक्ष ने कहा कि मालविका पठानिया का दशकों का अनुभव और जमीनी स्तर पर किया गया कार्य संस्था की गतिविधियों को और मजबूती देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में इंटैक की पहलें ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक और प्रभावी ढंग से पहुंचेंगी।
पूर्व अध्यक्ष और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एस.के. मिश्रा ने भी उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने लंबे समय से सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाई है। चाहे पारंपरिक कला हो या स्थानीय विरासत, उनके प्रयासों ने हिमाचल प्रदेश में कई महत्वपूर्ण कार्यों को नया जीवन दिया है।
अपने चयन पर मालविका पठानिया ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ा दायित्व भी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे संगठन के साथ मिलकर देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने और उसे समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम करेंगी।
उन्होंने विशेष रूप से संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही विरासत संरक्षण के लक्ष्य को मजबूत किया जा सकता है।
बैठक में अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां भी की गईं, जिनमें मणिकोंडा और धर्मेंद्र कुंवर को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया गया, जबकि हर्षा भोगल को वित्त समिति की जिम्मेदारी सौंपी गई।
नूरपुर क्षेत्र में इस खबर को लेकर खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया है। मालविका पठानिया पहले भी क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं, जिसके चलते उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।