नियमों के उल्लंघन पर बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर सील, जांच में मिलीं कई खामियां

खैरागढ़। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के साल्हेवारा में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर के सोनोग्राफी केंद्र को सील कर दिया। जांच में केंद्र के संचालन में कई अनियमितताएं सामने आई थीं। इसके बाद जिला सलाहकार समिति की अनुशंसा पर यह कार्रवाई की गई।

प्रशासन को बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर के संबंध में पहले शिकायत मिली थी। इसके आधार पर पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत जिला नोडल अधिकारी डॉ. मनीष बघेल और उनकी टीम ने केंद्र का निरीक्षण किया। जांच के दौरान नियमों के पालन में कई कमियां पाई गईं। इस पर केंद्र संचालक को नोटिस जारी कर सुधार करने के निर्देश दिए गए थे।

जांच में सामने आया कि केंद्र में कोई अधिकृत रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं था। इसके अलावा पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत जरूरी फॉर्म भी नियमानुसार नहीं भरे जा रहे थे। सोनोग्राफी रिपोर्ट से जुड़े दस्तावेजों में ऐसे फॉर्मेट मिले, जिनमें किसी अन्य रेडियोलॉजिस्ट के डिजिटल हस्ताक्षर पहले से दर्ज थे।

केंद्र संचालक ने नोटिस के जवाब में अपना पक्ष रखा था। इस जवाब, जांच रिपोर्ट और मिली अनियमितताओं पर जिला सलाहकार समिति की बैठक में चर्चा की गई। विचार-विमर्श के बाद समिति ने सोनोग्राफी केंद्र को सील करने का निर्णय लिया।

कलेक्टर एवं पीसीपीएनडीटी के समुचित प्राधिकारी के निर्देश पर 14 अक्टूबर 2026 को जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने केंद्र पहुंचकर सीलबंदी की कार्रवाई की। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर पूजा पिंचा, डॉ. मनीष बघेल, डॉ. बोधन सिंह, डॉ. पंकज वैष्णव, डॉ. विवेक बिसेन और लिपिक अर्पित गुप्ता मौजूद रहे।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में स्वास्थ्य संस्थानों को निर्धारित नियमों और कानूनी प्रावधानों के अनुसार ही संचालित करना होगा। सोनोग्राफी केंद्रों में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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