चाईबासा। पश्चिम सिंहभूम जिले के टोंटो और गोइलकेरा इलाके के घने जंगलों में चल रहे सघन सुरक्षा अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को अहम कामयाबी मिली है। कोबरा 209 बटालियन के जवानों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक उग्रवादी मारा गया है। उसकी पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है और इसकी प्रक्रिया जारी है।
घटनास्थल से सुरक्षाबलों ने एक शव के साथ हथियार और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की है, जिन्हें जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। अधिकारियों का मानना है कि इन बरामद सामानों से माओवादी गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
जानकारी के मुताबिक, रूटुगुटू, बोरोई और तूनबेड़ा के आसपास के जंगलों में पिछले कुछ दिनों से लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। यह अभियान खासतौर पर एक करोड़ के इनामी माओवादी नेता मिसिर बेसरा की तलाश में तेज किया गया था।
बुधवार की सुबह करीब 4:30 बजे सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों का सामना माओवादियों से हो गया। इसके बाद दोनों ओर से तेज गोलीबारी शुरू हो गई। शुरुआती मुठभेड़ के बाद भी क्षेत्र में बीच-बीच में फायरिंग होती रही।
जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने एक माओवादी को ढेर कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मारा गया उग्रवादी कुख्यात कमांडर अजय महतो के दस्ते से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे इलाके में अभियान अब भी जारी है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि बरामद सामग्री की गहन जांच की जा रही है, जिससे संगठन के नेटवर्क और योजनाओं का खुलासा हो सकता है।
हाल ही में गोइलकेरा थाना क्षेत्र में एक पूर्व माओवादी की हत्या के बाद से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क थीं। इनपुट मिल रहे थे कि माओवादी सारंडा के जंगलों से निकलकर कोल्हान क्षेत्र में अपनी गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
इन्हीं सूचनाओं के आधार पर बड़े स्तर पर ऑपरेशन शुरू किया गया था। ताजा मुठभेड़ को उसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी है और सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।