दुर्ग। नवरात्र के पावन पर्व पर माँ दुर्गा की आराधना के बीच जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), दुर्ग ने जनजागरूकता की अनूठी पहल की। दुर्गा पूजा पंडालों में आयोजित विधिक साक्षरता शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी से बचाव, बच्चों की शिक्षा के अधिकार और निःशुल्क विधिक सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं। इस पहल ने धार्मिक आस्था को सामाजिक जिम्मेदारी और कानूनी जागरूकता से जोड़ने का संदेश दिया।
यह अभियान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री के. विनोद कुजूर के मार्गदर्शन तथा प्राधिकरण के सचिव श्री उमेश कुमार भागवतकर के निर्देशन में संचालित किया गया। इसका उद्देश्य आमजन को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और कानून से जुड़ी जरूरी जानकारियों को सरल भाषा में लोगों तक पहुँचाना रहा।
आस्था के बीच अधिकारों की जानकारी
नवरात्र के दौरान दुर्गा पूजा पंडालों में बड़ी संख्या में महिलाएँ, युवा और परिवारजन पहुँचते हैं। इसी जनसहभागिता को जनहित में उपयोग करते हुए DLSA दुर्ग ने लोगों के बीच पहुँचकर विधिक जागरूकता का संदेश दिया। शिविरों में नागरिकों को बताया गया कि कानून और न्याय से जुड़ी जानकारी केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के दैनिक जीवन में इसका महत्वपूर्ण स्थान है।
साइबर ठगी से बचने के बताए उपाय
डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन गतिविधियों के बढ़ते दौर में साइबर अपराध से बचाव शिविरों का प्रमुख विषय रहा। नागरिकों को फर्जी कॉल, ओटीपी के नाम पर धोखाधड़ी, संदिग्ध लिंक और ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों के प्रति सतर्क किया गया।
लोगों को समझाया गया कि बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी, ओटीपी और अन्य संवेदनशील विवरण किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। संदिग्ध संदेशों और लिंक से बचें तथा साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल अपने बैंक और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की दिशा में कदम उठाएँ।
बच्चों की शिक्षा के अधिकार पर भी जोर
विधिक साक्षरता शिविरों में बच्चों की शिक्षा और उनके अधिकारों से संबंधित विषयों को भी प्रमुखता दी गई। नागरिकों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की शिक्षा योजना, 2026 के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही बच्चों के हितों की सुरक्षा, शिक्षा के अधिकार और जरूरतमंद पात्र व्यक्तियों तक विधिक सहायता पहुँचाने के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
इस दौरान शिक्षा को बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के साथ-साथ एक जागरूक, सशक्त और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण का आधार बताया गया। लोगों को बच्चों के अधिकारों के प्रति संवेदनशील रहने और जरूरतमंदों को उपलब्ध सहायता की जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया।
न्याय और कानून को आमजन तक पहुँचाने की सार्थक पहल
DLSA दुर्ग की यह पहल दर्शाती है कि विधिक जागरूकता को प्रभावी बनाने के लिए कानून की जानकारी उन स्थानों तक पहुँचाना जरूरी है, जहाँ आम नागरिक बड़ी संख्या में एकत्रित होते हैं। नवरात्र जैसे जनसहभागिता वाले धार्मिक आयोजन इस दिशा में महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं।
माँ दुर्गा की आराधना के साथ साइबर सुरक्षा, शिक्षा के अधिकार और विधिक सहायता का संदेश देकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने समाज में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया। यह पहल भक्ति के साथ नागरिक कर्तव्यों, अधिकारों और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूकता का संदेश देती है।