नौ दिन, नौ देवियों का सम्मान: दुर्ग के सत्तीचौरा मंदिर में रोज 150 से अधिक बेटियों का पूजन और कन्या भोज

दुर्ग। नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना के साथ कन्या पूजन की परंपरा सदियों से चली आ रही है, लेकिन दुर्ग के गंजपारा स्थित श्री सत्तीचौरा मां दुर्गा मंदिर में इस परंपरा को सेवा और बेटियों की शिक्षा से जोड़कर विशेष रूप दिया जा रहा है। यहां नवरात्र के पूरे नौ दिनों तक प्रतिदिन 150 से अधिक कन्याओं का पूजन कर उन्हें कन्या भोज कराया जा रहा है। इतना ही नहीं, बच्चियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए बैग, टिफिन, वाटर बॉटल, कॉपी, पेन और अन्य उपयोगी सामग्री भी भेंट की जा रही है।

मंदिर परिसर में प्रतिदिन सुबह 9 बजे माता का अभिषेक किया जाता है, जिसके बाद दोपहर 12 बजे कन्या पूजन और कन्या भोज का आयोजन होता है। इस पहल की खास बात यह है कि विभिन्न सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बच्चियों को वाहन से मंदिर परिसर तक लाया जाता है। यहां उन्हें देवी स्वरूप मानकर तिलक लगाया जाता है, पूजन किया जाता है और भोजन कराने के साथ उपहार स्वरूप आवश्यक सामग्री प्रदान की जाती है।

पूजा के साथ बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहन

समिति के ईशान शर्मा और अर्जित शुक्ला ने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन अलग-अलग सरकारी स्कूलों की बच्चियों को आमंत्रित कर कन्या पूजन और भोज कराया जा रहा है। बच्चियों को बैग, वाटर बॉटल, टिफिन, ड्राइंग बुक, पेंसिल, रबर, शार्पनर, कॉपी, पेन बॉक्स और नौ प्रकार के फल सहित विभिन्न उपयोगी सामग्री भेंट की जाती है।

इस पहल के पीछे समिति का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाना भी है। समिति का मानना है कि बेटियां शिक्षित होंगी, तो परिवार और समाज भी प्रगति करेगा। कन्या पूजन के माध्यम से बच्चियों के सम्मान, शिक्षा और स्वस्थ जीवन के महत्व का संदेश दिया जा रहा है।

पायल जैन नौ दिनों तक कर रहीं सेवा

इस आयोजन में समाजसेविका पायल जैन भी विशेष योगदान दे रही हैं। उनके द्वारा पूरे नौ दिनों तक कन्याओं को फल और शिक्षण कार्य में उपयोगी सामग्री भेंट की जा रही है। कन्याओं का तिलक लगाकर पूजन किया जाता है और उन्हें चुनरी ओढ़ाकर सम्मानपूर्वक सामग्री वितरित की जाती है।

धार्मिक परंपरा के साथ बच्चियों को प्रोत्साहित करने की यह पहल नवरात्र के उत्सव को सेवा, सम्मान और सामाजिक सरोकारों से जोड़ रही है।

20 अक्टूबर को होगा महाकन्या भोज

श्री सत्तीचौरा समिति द्वारा प्रतिवर्ष बड़े स्तर पर महाकन्या भोज का आयोजन किया जाता है, जिसमें हजारों कन्याओं का पूजन, शोभायात्रा, कन्या भोज और सामग्री वितरण जैसे कार्यक्रम होते हैं। इस वर्ष महाकन्या भोज का आयोजन 20 अक्टूबर को किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए समिति द्वारा तैयारियां की जा रही हैं।

समिति की ओर से पार्षदों को पत्र लिखकर अपने-अपने वार्ड से कन्याओं को आयोजन में लाने का आग्रह किया जा रहा है। इसके साथ ही शहर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और संबंधित महिलाओं से भी सहयोग की अपील की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक बच्चियां इस आयोजन में शामिल हो सकें।

आस्था से आगे, बेटियों के सम्मान का संकल्प

सत्तीचौरा मां दुर्गा मंदिर में नवरात्र के दौरान आयोजित यह कन्या पूजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। बच्चियों को सम्मान देने, उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित करने और जरूरत की सामग्री उपलब्ध कराने का प्रयास इसे सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाता है।

मां दुर्गा की आराधना के बीच बेटियों के सम्मान और उज्ज्वल भविष्य का संदेश देने वाली यह पहल समाज को याद दिलाती है कि कन्या पूजन का वास्तविक भाव बेटियों को सम्मान, अवसर और आगे बढ़ने का संबल देना भी है।

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