नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के 10वें दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक, विरोध प्रदर्शन और लगातार हंगामे के बीच महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी पूरे किए गए। शोर-शराबे के बावजूद लोकसभा ने ‘जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026’ को पारित कर दिया। वहीं लगातार व्यवधान के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार, 3 अगस्त 2026 तक स्थगित कर दी गई।
जन्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक को मिली मंजूरी
लोकसभा ने वर्ष 1969 के मूल कानून में संशोधन करने वाले जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी। सरकार के अनुसार, इस संशोधन का उद्देश्य जन्म और मृत्यु के रिकॉर्ड को अधिक डिजिटल, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है, जिससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके।
किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों का किया खंडन
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस विधेयक पर चर्चा का समय पहले ही बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में तय किया गया था। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को चर्चा में भाग लेने का अवसर दिया गया था, इसलिए बिना चर्चा के विधेयक पारित होने का आरोप सही नहीं है।
राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया। आरोप है कि राहुल गांधी ने सदन में गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ असंसदीय भाषा और गंभीर आरोप लगाए। यह विवाद पेपर लीक से जुड़े विधेयक पर चर्चा के दौरान दिए गए भाषण के बाद शुरू हुआ। स्पीकर ने राहुल गांधी के कुछ बयान कार्यवाही से हटाने के निर्देश भी दिए।
राम मंदिर चंदा विवाद और MPSC पेपर लीक का मुद्दा भी उठा
समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
इधर, महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) पेपर लीक मामले को लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस के सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित
संसद के दोनों सदनों में लगातार विरोध और नारेबाजी के कारण सामान्य कार्यवाही प्रभावित रही। इसके चलते राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही 3 अगस्त 2026 तक के लिए स्थगित कर दी गई। संसद का मानसून सत्र अब अगले कार्यदिवस पर दोबारा शुरू होगा।