छत्तीसगढ़ में थमा मानसून, IMD ने बताया कब से फिर शुरू होगी झमाझम बारिश

रायपुर, 14 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के किसी भी हिस्से में बारिश दर्ज नहीं हुई, जो जुलाई जैसे सबसे अधिक वर्षा वाले महीने में असामान्य स्थिति मानी जा रही है। हालांकि मौसम विभाग ने 15 और 16 जुलाई से मानसून के दोबारा सक्रिय होने का अनुमान जताया है। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक, तेज बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश में इस समय ‘ब्रेक मॉनसून’ की स्थिति बनी हुई है। इस दौरान मानसूनी ट्रफ और बारिश कराने वाले सिस्टम राज्य से दूर चले जाते हैं, जिससे एक-दो दिनों तक वर्षा लगभग पूरी तरह रुक जाती है। वर्तमान में मानसून ट्रफ श्रीगंगानगर से मणिपुर तक फैली हुई है, जबकि बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश के ऊपर सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से 15-16 जुलाई से बारिश की गतिविधियां फिर तेज होने की उम्मीद है।

आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 13 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में सामान्य से 26 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। जून के अंतिम सप्ताह तक वर्षा का बड़ा घाटा था, हालांकि जुलाई के पहले सप्ताह में स्थिति में सुधार हुआ, लेकिन अब मानसून एक बार फिर कमजोर पड़ गया है। इसका असर छत्तीसगढ़ के साथ-साथ मध्य भारत के कई राज्यों में भी देखा जा रहा है।

तापमान की बात करें तो मंगलवार को रायपुर और बिलासपुर प्रदेश के सबसे गर्म शहर रहे, जहां अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। रायपुर में दिनभर बादल छाए रहने के साथ अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री रहने का अनुमान है। अगले 24 घंटे में हल्की बारिश की संभावना भी बनी हुई है।

प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर नजर डालें तो 32 में से 16 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि 14 जिलों में सामान्य वर्षा हुई है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ प्रदेश का इकलौता जिला है, जहां 462.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो सामान्य से 74 प्रतिशत अधिक है। वहीं मुंगेली में सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है।

बालोद, बलौदाबाजार, बलरामपुर, दंतेवाड़ा, दुर्ग, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोरबा, महासमुंद, नारायणपुर, रायपुर, राजनांदगांव, सक्ती और बिलासपुर जैसे जिलों में बारिश सामान्य के आसपास दर्ज की गई है।

मौसम विभाग का कहना है कि जुलाई का पहला पखवाड़ा खरीफ फसलों की बुआई के लिए सबसे अहम समय होता है। जिन जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है, वहां धान समेत अन्य खरीफ फसलों की बुआई और शुरुआती बढ़वार प्रभावित हो सकती है। हालांकि यदि 15 और 16 जुलाई को अच्छी बारिश होती है तो खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी और किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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