भोपाल। डॉक्टर बनने का सपना देख रहे मेधावी छात्रों के लिए मध्य प्रदेश से बड़ी राहत की खबर है। राज्य में नीट (NEET) मेरिट सूची में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों के लिए मेडिकल शिक्षा पहले से अधिक सुलभ और किफायती होने जा रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत मेरिट में आने वाले छात्रों की मेडिकल कॉलेज फीस में करीब एक-तिहाई तक कमी की जा सकती है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ने से अधिक विद्यार्थियों को सरकारी और निजी कॉलेजों में प्रवेश का अवसर मिलेगा।
मेरिट छात्रों को मिलेगा दोहरा लाभ
नई व्यवस्था के तहत नीट मेरिट में चयनित छात्रों को दोहरा फायदा मिलेगा। एक ओर मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाई गई है, वहीं दूसरी ओर फीस में राहत मिलने से मेडिकल शिक्षा का आर्थिक बोझ भी कम होगा। मैनेजमेंट कोटे की सीटों पर भी प्रवेश राज्य सरकार द्वारा नीट मेरिट के आधार पर आयोजित काउंसलिंग के जरिए ही किया जाएगा।
2023 की तुलना में बढ़ीं मेडिकल सीटें
राज्य में वर्ष 2023 के मुकाबले वर्ष 2026 में मेडिकल कॉलेजों की सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। वर्ष 2023 में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कुल 4,675 सीटें थीं, जिनमें 2,275 सरकारी और 2,400 निजी कॉलेजों की सीटें शामिल थीं। इनमें से मेरिट छात्रों के लिए 4,315 सीटें निर्धारित थीं।
2026 में कुल सीटें बढ़कर 6,020 हुईं
वर्ष 2026 में मेडिकल कॉलेजों की कुल सीटें बढ़ाकर 6,020 कर दी गई हैं। इनमें 3,020 सीटें सरकारी मेडिकल कॉलेजों और 3,000 सीटें निजी मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध होंगी। वहीं, मेरिट विद्यार्थियों के लिए कुल 4,520 सीटें निर्धारित की गई हैं, जिनमें 3,020 सरकारी और 1,500 निजी कॉलेजों की सीटें शामिल हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि सीटों में वृद्धि और फीस में प्रस्तावित राहत से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा तथा आर्थिक कारणों से प्रतिभाशाली छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।