नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्ष के जोरदार हंगामे से कार्यवाही बाधित रही। लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने नीट पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य अपनी सीटों से उठकर सदन के बीच पहुंच गए और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की मांग करने लगे। लगातार हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने और नियमों के तहत अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद सार्थक संवाद और लोकतांत्रिक चर्चा का मंच है, इसलिए तख्तियां दिखाने और नारेबाजी से बचना चाहिए। लेकिन विपक्ष के प्रदर्शन के चलते कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी और सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
वहीं, राज्यसभा में भी विपक्ष ने छात्रों और प्रदर्शनकारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जिससे सदन का माहौल काफी गरमा गया।
संसद के दोनों सदनों में लगातार हंगामे के कारण दिन की कार्यवाही प्रभावित रही और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा आगे नहीं बढ़ सकी।