गुजरात को 14 हजार करोड़ की परियोजनाओं की सौगात देंगे PM मोदी, किसानों के खाते में आएंगे 19 हजार करोड़ रुपये

अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 और 31 अक्टूबर को गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह बनासकांठा में 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 24वीं किस्त के तहत करीब 19,000 करोड़ रुपये जारी करेंगे। दौरे के दूसरे दिन वह सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में शामिल होंगे।

प्रधानमंत्री के इस दौरे में कृषि, पशुपालन, डेयरी, सड़क, मेट्रो, रेलवे, पर्यटन और बाल विकास से जुड़ी कई परियोजनाएं शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान गुजरात में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने से संबंधित पहलों पर विशेष जोर रहेगा।

बनासकांठा में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा

प्रधानमंत्री 30 अक्टूबर को सुबह बनासकांठा जिले के भीलडी पहुंचेंगे। यहां वह भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक और इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (ET-IVF) प्रयोगशाला के साथ भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर का दौरा करेंगे। इसके बाद विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास कर जनसभा को संबोधित करेंगे।

करीब 127 एकड़ में विकसित बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर को आधुनिक पशु प्रजनन और नस्ल सुधार के केंद्र के रूप में तैयार किया गया है। यहां उन्नत तकनीकों की मदद से पशुओं की आनुवंशिक गुणवत्ता बेहतर बनाने पर काम होगा। इस केंद्र में कांकरेज नस्ल के मवेशियों के संरक्षण और संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

गोबर से बनेगी स्वच्छ ऊर्जा

पशु अपशिष्ट का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रधानमंत्री थराद और राधनपुर में बनास डेयरी के दो बायो-CNG संयंत्रों की आधारशिला रखेंगे। प्रस्तावित संयंत्र प्रतिदिन क्रमशः 75 और 100 मीट्रिक टन गोबर का प्रसंस्करण कर सकेंगे।

इन परियोजनाओं से गोबर का उपयोग ऊर्जा उत्पादन में करने, ग्रामीण क्षेत्रों में अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाने और स्वच्छ ईंधन को प्रोत्साहित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

अहमदाबाद मेट्रो और सड़क परियोजनाओं को गति

गुजरात के शहरी परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री अहमदाबाद मेट्रो के फेज-2ए और फेज-2बी के विस्तार की आधारशिला रखेंगे। प्रस्तावित योजनाओं में हवाई अड्डे तक मेट्रो संपर्क और गिफ्ट सिटी से शाहपुर तक विस्तार शामिल है।

इसके अलावा, अहमदाबाद-मेहसाणा राज्य राजमार्ग-41 को चार लेन से आठ लेन में अपग्रेड करने की परियोजना भी शुरू की जाएगी। करीब 2,600 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना से अहमदाबाद और उत्तरी गुजरात के बीच यातायात को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

बाल-अनुकूल आंगनवाड़ियों पर 800 करोड़ रुपये खर्च

बच्चों के शुरुआती विकास और पोषण से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए गुजरात में 4,030 नए बाल-अनुकूल आंगनवाड़ी केंद्रों की आधारशिला रखी जाएगी। वहीं, पहले से तैयार 361 केंद्रों का उद्घाटन किया जाएगा।

करीब 800 करोड़ रुपये के निवेश वाली इस पहल से चार लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की संभावना है। इसका उद्देश्य बच्चों के लिए बेहतर वातावरण और प्रारंभिक शिक्षा व विकास संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

कृषि क्षेत्र की 521 परियोजनाओं का लोकार्पण

प्रधानमंत्री कृषि अवसंरचना कोष के तहत पूरी की गई 521 परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनकी कुल लागत करीब 4,950 करोड़ रुपये बताई गई है।

इन परियोजनाओं में गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन, साइलो, पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं। इनके जरिए फसलों के सुरक्षित भंडारण, प्रसंस्करण और बाजार तक पहुंच को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।

इसके साथ ही साणंद में आलू प्रसंस्करण संयंत्र के विस्तार का उद्घाटन और पालनपुर में डेयरी उत्पादों के लिए आधुनिक स्वचालित भंडारण प्रणाली की शुरुआत भी प्रस्तावित है।

किसानों के खाते में जारी होंगे 19 हजार करोड़ रुपये

दौरे के दौरान प्रधानमंत्री PM-KISAN योजना की 24वीं किस्त के तहत लगभग 19,000 करोड़ रुपये जारी करेंगे। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से पात्र किसानों तक पहुंचाई जाएगी।

इसके अतिरिक्त, 12 स्वीकृत बागवानी समूहों में गतिविधियों की शुरुआत की जाएगी। ये समूह लगभग 1.46 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फैले हैं और इनसे 1.3 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। उत्तरी गुजरात में आलू उत्पादन से जुड़े समूहों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री अहमदाबाद-साबरमती से वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू ट्रेन सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाएंगे।

एकता नगर में भारत पर्व 2026 का उद्घाटन

प्रधानमंत्री 30 अक्टूबर की शाम एकता नगर में भारत पर्व 2026 का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन 15 नवंबर तक चलेगा। इसमें देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की लोक कला, हस्तशिल्प, क्षेत्रीय व्यंजन, परंपराओं और पर्यटन स्थलों को प्रदर्शित किया जाएगा।

शाम को वह एकता प्रकाश पर्व में भी शामिल होंगे और नर्मदा आरती करेंगे। आयोजन में रोशनी, सजावट और विशेष प्रदर्शनियों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विरासत और विविधता को प्रदर्शित किया जाएगा।

एकता नगर में 400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं

31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद एकता नगर में 400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे।

इनमें जल एवं सीवेज उपचार संयंत्र, नर्मदा घाट का उन्नयन, पर्यटन सुविधाएं, वर्षावन, एकता और इको ट्रेल से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, शून्य अपशिष्ट ठोस कचरा प्रबंधन, सड़क विकास और कैक्टस एवं बटरफ्लाई गार्डन के विकास से जुड़ी परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया जाएगा।

राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में दिखेगा देश का सामर्थ्य

सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह आयोजित होगा। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल होकर एकता परेड का अवलोकन करेंगे। परेड में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य पुलिस और अन्य सुरक्षा संगठनों के जवान अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे।

इस वर्ष कार्यक्रम में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की उपलब्धियों और प्रभावित क्षेत्रों में शांति एवं विकास की दिशा में हुए बदलाव को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।

नक्सल मुक्त भारत और वंदे मातरम पर विशेष प्रस्तुतियां

समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की ओर से नक्सल मुक्त भारत विषय पर विशेष नाट्य प्रस्तुति दी जाएगी। इसमें वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित 126 जिलों के करीब 2,000 कलाकार हिस्सा लेंगे।

इसके अलावा, वंदे मातरम की थीम पर आधारित झांकियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। देश के विभिन्न हिस्सों से आए लगभग 5,000 कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के जरिए भारत की सांस्कृतिक विविधता, देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश देंगे।

प्रधानमंत्री का यह दौरा गुजरात में कृषि, पशुपालन, परिवहन और पर्यटन से जुड़ी योजनाओं को गति देने के साथ राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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