नई दिल्ली : देशभर में दीपावली का पर्व इस वर्ष पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। चारों ओर रोशनी, सजावट और खुशियों का माहौल रहा। बाजारों में रौनक देखने लायक थी—लोगों ने जमकर खरीदारी की और इस बार स्वदेशी उत्पादों की मांग ने नए रिकॉर्ड बनाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर देशवासियों को पत्र लिखकर दीपावली की शुभकामनाएं दीं और “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में लिखा कि विकसित भारत की यात्रा में हर नागरिक की भूमिका अहम है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करें, स्वच्छता पर ध्यान दें, स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और भोजन में तेल की मात्रा कम करके स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। साथ ही योग और फिटनेस को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जब एक दीपक दूसरे दीपक को जलाता है तो उसका प्रकाश घटता नहीं, बल्कि और बढ़ता है—उसी तरह हमें भी अपने आसपास सकारात्मकता, सहयोग और सद्भाव के दीप जलाने चाहिए।
अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने अयोध्या के भव्य राम मंदिर का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह दूसरी दीपावली है जब अयोध्या में श्रीराम मंदिर की पवित्र छाया में उत्सव मनाया जा रहा है। प्रभु श्रीराम हमें मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं और अन्याय के खिलाफ दृढ़ता से खड़े होने की शक्ति भी। पीएम मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने हाल के दिनों में यह दिखाया है कि हम मर्यादा का पालन करते हुए भी अन्याय का जवाब देने की क्षमता रखते हैं।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस वर्ष कई ऐसे जिले दीपावली की रोशनी से जगमगाए हैं जहां पहले नक्सलवाद का अंधकार था। अब ये इलाके विकास की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं और वहां के लोगों ने हिंसा छोड़कर संविधान और लोकतंत्र पर भरोसा जताया है। प्रधानमंत्री ने इसे देश की बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि यह दीपावली नए भारत की प्रगति, शांति और एकता का प्रतीक बन गई है।