नई दिल्ली। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के साथ मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया। नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार को ‘भारत का वीर पायलट’ बताते हुए उनके साहस की सराहना की।
भारत-इजरायल संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा
दोनों नेताओं ने बातचीत के दौरान भारत और इजरायल के बीच द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही, दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। बातचीत में पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श हुआ। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बातचीत की जानकारी साझा करते हुए कहा कि दोनों देशों ने अपने संबंधों में जारी गति की समीक्षा की और साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी विचारों के आदान-प्रदान की जानकारी दी।
वहीं, नेतन्याहू ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने अपने मित्र प्रधानमंत्री मोदी को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर एक वीर भारतीय पायलट के साथ मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल जमीन तथा आसमान, दोनों जगह आतंकवाद के खिलाफ मिलकर खड़े हैं।
विमान में हमले के दौरान कैप्टन मच्छार ने दिखाया साहस
कैप्टन स्मित मच्छार उस समय गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जब 30 सितंबर को तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान में कथित तौर पर ओमानी सह-पायलट ने उन पर हमला कर दिया था। आरोप है कि सह-पायलट ने विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की थी।
इस दौरान कैप्टन मच्छार ने हमलावर का मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद चालक दल के अन्य सदस्यों और यात्रियों को कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। विमान में 170 से अधिक लोग सवार थे। इस घटना में कैप्टन मच्छार के साहस को बड़ी दुर्घटना टालने में अहम माना गया।
नेतन्याहू पहले भी कर चुके हैं कैप्टन की तारीफ
इससे पहले 3 अक्टूबर को नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बातचीत की थी। उस दौरान उन्होंने भारतीय पायलट को भारत, इजरायल और पूरी दुनिया का नायक बताया था। नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार के साहस और मुश्किल हालात में संयम बनाए रखने की क्षमता की सराहना की थी।
उन्होंने कहा था कि आमतौर पर इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का सम्मान देश के नागरिकों को दिया जाता है, लेकिन कैप्टन मच्छार के साहस ने इजरायली लोगों के बीच उनके लिए विशेष स्थान बनाया है। नेतन्याहू ने उनके शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करते हुए उन्हें इजरायल आने का निमंत्रण भी दिया था।
प्रधानमंत्री मोदी को दिए गए इस निमंत्रण के जरिए नेतन्याहू ने भारत और इजरायल के बीच लंबे समय से चले आ रहे मित्रतापूर्ण संबंधों तथा आतंकवाद के खिलाफ साझा प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।