बस्तर दशहरा में शामिल होंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, 80 परगनों के प्रतिनिधियों के साथ करेंगी मुरिया दरबार में शिरकत

रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में इस साल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी खास आकर्षण रहेगी। राष्ट्रपति 22 और 23 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वह रायपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद जगदलपुर पहुंचेंगी और बस्तर दशहरा के प्रमुख आयोजन मुरिया दरबार में हिस्सा लेंगी। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति को छत्तीसगढ़ आने का निमंत्रण दिया है। उनके प्रस्तावित दौरे को देखते हुए रायपुर और जगदलपुर में सुरक्षा से लेकर आवागमन तक की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की तैयारी की जा रही है।

रायपुर में भी कई कार्यक्रम प्रस्तावित

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के दौरान रायपुर स्थित लोक भवन और बुढ़ापारा के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इन कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद राष्ट्रपति जगदलपुर के लिए रवाना होंगी, जहां वह बस्तर दशहरा की पारंपरिक गतिविधियों का हिस्सा बनेंगी।

राष्ट्रपति की मौजूदगी से बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आदिवासी परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है।

मुरिया दरबार में जुटेंगे 80 परगनों के प्रतिनिधि

जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित होने वाला मुरिया दरबार बस्तर दशहरा की खास परंपराओं में शामिल है। इस आयोजन में 80 परगनों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों की भागीदारी होती है। यह दरबार आदिवासी समाज की सामूहिक भागीदारी और जनसंवाद की परंपरा को दर्शाता है।

ऐतिहासिक रूप से मुरिया दरबार में शासक आम लोगों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनते थे और उनके समाधान के लिए निर्देश देते थे। समय के साथ यह आयोजन बस्तर की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। आज भी इसमें स्थानीय प्रतिनिधि और समाज के प्रमुख लोग अपनी बात रखते हैं।

बस्तर दशहरा अपनी लंबी अवधि और विशिष्ट आदिवासी परंपराओं के लिए देशभर में जाना जाता है। मुरिया दरबार में राष्ट्रपति की भागीदारी इस आयोजन के महत्व को और बढ़ाएगी।

राष्ट्रपति के दौरे के लिए सुरक्षा तैयारियां

राष्ट्रपति के प्रस्तावित कार्यक्रमों को देखते हुए प्रशासन सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रहा है। रायपुर में स्वामी विवेकानंद विमानतल से कार्यक्रम स्थलों तक और जगदलपुर में मां दंतेश्वरी विमानतल से आयोजन स्थल तक आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे।

संबंधित जिला प्रशासन, पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को सुरक्षा, आवागमन और अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अतिथियों के ठहरने और कार्यक्रम स्थलों पर व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी भी की जा रही है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बस्तर दशहरा में प्रस्तावित आगमन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे बस्तर की विशिष्ट पहचान और आदिवासी समाज की परंपराओं को व्यापक स्तर पर सामने लाने का अवसर मिलेगा।

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