राज्यसभा बजट सत्र 2026 का समापन: 109% से अधिक उत्पादकता, 157 घंटे से ज्यादा चला कामकाज

राज्यसभा के 270वें सत्र के समापन के साथ ही संसद का बजट सत्र भी समाप्त हो गया। शनिवार को समाप्त हुए इस सत्र में सदन की कार्यप्रणाली उल्लेखनीय रूप से सुचारू रही और इसकी कुल उत्पादकता 109.87 प्रतिशत दर्ज की गई।

सत्र के दौरान राज्यसभा ने कुल 157 घंटे 40 मिनट तक कार्यवाही की। इस अवधि में 117 प्रश्न पूछे गए, जबकि 446 शून्यकाल उल्लेख और 207 विशेष उल्लेख प्रस्तुत किए गए। सांसदों ने विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर सक्रिय भागीदारी निभाई और सदन की कार्यवाही को समृद्ध किया।

समापन अवसर पर उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने सभी राजनीतिक दलों के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विचारों और भागीदारी से सदन की कार्यवाही अधिक प्रभावी बनी।

बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव, केंद्रीय बजट 2026-27 पर विस्तृत चर्चा और कई मंत्रालयों के कार्यों पर गंभीर विमर्श हुआ। कुल मिलाकर 79 सदस्यों ने राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा में भाग लिया, जबकि बजट पर 97 सांसदों ने अपने विचार रखे।

सत्र में 50 निजी सदस्य विधेयक भी प्रस्तुत किए गए और 94 अवसरों पर सांसदों ने संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 12 क्षेत्रीय भाषाओं में अपने विचार व्यक्त किए। इसके अलावा, उपसभापति के रूप में हरिवंश नारायण सिंह का तीसरी बार निर्वाचन भी इस सत्र की महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल रहा।

सभापति ने अंत में सभी सदस्यों, संसदीय कार्य मंत्रालय और विभिन्न दलों के नेताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि सदन के सुचारू संचालन में सभी का सहयोग सराहनीय रहा और नियम 267 का सीमित उपयोग करने की अपील भी की।

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