चेन्नई। तमिलनाडु सरकार ने मंत्रियों और विधायकों के लिए सरकारी कार खरीदने की अधिकतम कीमत निर्धारित कर दी है। नए नियमों के तहत राज्य के मंत्रियों और कुछ वरिष्ठ विधायी पदाधिकारियों को 26 लाख रुपये तक की कार खरीदने की पात्रता होगी, जबकि अन्य विधायकों के लिए यह सीमा 15 लाख रुपये तय की गई है। सरकार ने विधानसभा सदस्यों के यात्रा भत्ता नियमों में संशोधन करते हुए इस संबंध में अधिसूचना जारी की है।
इन पदाधिकारियों को मिलेगी 26 लाख रुपये तक की कार
नई व्यवस्था के अनुसार, मुख्यमंत्री के मंत्रिमंडल के सदस्यों के अलावा विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और सरकारी मुख्य सचेतक 26 लाख रुपये तक की कार खरीद सकेंगे। वहीं, अन्य विधानसभा सदस्य 15 लाख रुपये तक के वाहन के पात्र होंगे।
कार की कीमत में शामिल होंगे सभी खर्च
निर्धारित सीमा में कार की एक्स-शोरूम कीमत के साथ कर, पंजीकरण शुल्क और मोटर बीमा प्रीमियम सहित सभी खर्च शामिल होंगे। यानी वाहन खरीद पर होने वाला कुल खर्च तय सीमा के भीतर ही रखना होगा।
हर साल पांच प्रतिशत बढ़ेगी सीमा
सरकार ने कार खरीद की निर्धारित अधिकतम सीमा में हर साल पांच प्रतिशत की वृद्धि का प्रावधान भी किया है। इससे आने वाले वर्षों में पात्र पदाधिकारियों और विधायकों के लिए वाहन खरीद की सीमा में बढ़ोतरी होगी।
सरकारी वाहन लौटाना होगा
अधिसूचना के मुताबिक, मंत्रियों के वाहन तमिलनाडु सरकार के नाम पर खरीदे जाएंगे। वहीं, अन्य पात्र पदाधिकारियों और विधायकों के वाहनों की खरीद विधानसभा सचिवालय के माध्यम से की जाएगी।
नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पद छोड़ने, कार्यकाल पूरा होने या अयोग्य घोषित किए जाने की स्थिति में मंत्रियों को सरकारी वाहन वापस करना होगा। अन्य पात्र पदाधिकारियों और विधायकों के लिए भी इसी तरह के प्रावधान लागू होंगे।
सरकार के इस फैसले से राज्य में मंत्रियों और विधायकों के लिए सरकारी वाहन खरीद की पात्रता और प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट व्यवस्था निर्धारित की गई है।