गर्मी से राहत, दिल्ली-NCR और उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश और हवाएं

नई दिल्ली। हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ और मानसून की नम हवाओं के प्रभाव से सोमवार को उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ले ली। दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड समेत कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कई स्थानों पर धूलभरी आंधी और तेज हवाओं ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दोपहर बाद मौसम अचानक बदला और तेज आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, दोपहर के दौरान हवा की अधिकतम रफ्तार 93 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। अपराह्न 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच हुई बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली। दिल्ली के पालम क्षेत्र में शाम 5:30 बजे तक 9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जो राजधानी में सबसे अधिक रही।

मौसम विभाग ने मंगलवार को भी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

मौसम विशेषज्ञ महेश पालावत के अनुसार, पंजाब, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण तथा अरब सागर से आने वाली नमी युक्त दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण यह मौसमीय गतिविधि देखने को मिली। इन दोनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के कई इलाकों में बारिश हुई।

उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों तक मौसम का यह सिलसिला जारी रह सकता है, हालांकि इसकी तीव्रता धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। गुरुग्राम और हरियाणा के अन्य क्षेत्रों में जहां अच्छी बारिश हुई, वहीं नोएडा में तेज हवाओं के साथ धूलभरी आंधी देखने को मिली।

राजस्थान में भी सोमवार सुबह तक कई स्थानों पर तेज आंधी और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। झालावाड़ जिले के खानपुर क्षेत्र में सर्वाधिक 51 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में भारी ओलावृष्टि हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने राज्य में 21 जून तक मौसम खराब बने रहने की संभावना जताई है। किन्नौर जिले में ओलावृष्टि के कारण सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।

उत्तराखंड के कई हिस्सों में भी पिछले 24 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम सक्रिय बना रह सकता है।

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